Tuesday, April 21, 2026

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पुष्कर में कविता का महासंगम: डॉ. कैलाश मण्डेला को सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान 2026

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

पुष्कर। विश्वविख्यात हास्यकवि स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में आयोजित आठवां सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में आयोजित 43 दिवसीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अंतर्गत हजारों श्रोताओं की उपस्थिति में हुआ, जिसने कविता, धर्म और आध्यात्म के अद्भुत संगम को साकार किया।

श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस समारोह में वर्ष 2026 का “सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान” भीलवाड़ा जिले के प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं जनकवि डॉ. कैलाश मण्डेला को प्रदान किया गया। उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए की सम्मान राशि, ताम्रपत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान महायज्ञ के प्रणेता प्रखर महाराज, संस्थान अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे एवं अन्य संत-महंतों द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. मण्डेला के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि प्रखर महाराज का 21 किलो की माला एवं एक क्विंटल गुलाब पंखुड़ियों से भव्य स्वागत किया गया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

कवि सम्मेलन का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री डॉ. कीर्ति काले ने किया, जिन्होंने सरस्वती वंदना एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मानित कवि डॉ. कैलाश मण्डेला ने स्व. सुरेन्द्र दुबे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

कवि सम्मेलन में हास्य कवि दिनेश बंटी ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को हँसी से लोटपोट कर दिया। लखनऊ से आए ओजस्वी कवि प्रख्यात मिश्रा ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। व्यंग्यकार शिव तूफान ने अपनी व्यंग्य रचना से खूब सराहना बटोरी, जबकि डॉ. प्रवीण शुक्ल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रस्तुति देकर सभी को प्रभावित किया।

बिजयनगर के कवि नवीन शर्मा एवं अन्य रचनाकारों ने भी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को ऊँचाइयों तक पहुंचाया। डॉ. कैलाश मण्डेला की गुरुवंदना ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया, इस दौरान उन पर फूलों एवं नोटों की वर्षा होती रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी आनंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने की। मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, सज्जन प्रसाद तिवाड़ी, भजन गायक नन्दू महाराज, पुखराज दुबे, अशोक पारीक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, धर्म और आध्यात्म को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है।

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पुष्कर में कविता का महासंगम: डॉ. कैलाश मण्डेला को सुरेंद्र दुबे स्मृति सम्मान 2026

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

पुष्कर। विश्वविख्यात हास्यकवि स्व. सुरेन्द्र दुबे की स्मृति में आयोजित आठवां सम्मान समारोह एवं अखिल भारतीय कवि सम्मेलन गायत्री मणिवेदिक शक्तिपीठ में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम स्वामी प्रखर महाराज के सानिध्य में आयोजित 43 दिवसीय शत गायत्री पुरश्चरण महायज्ञ के अंतर्गत हजारों श्रोताओं की उपस्थिति में हुआ, जिसने कविता, धर्म और आध्यात्म के अद्भुत संगम को साकार किया।

श्री सुरेन्द्र दुबे स्मृति संस्थान द्वारा आयोजित इस समारोह में वर्ष 2026 का “सुरेन्द्र दुबे स्मृति सम्मान” भीलवाड़ा जिले के प्रतिष्ठित साहित्यकार एवं जनकवि डॉ. कैलाश मण्डेला को प्रदान किया गया। उन्हें एक लाख ग्यारह हजार एक सौ ग्यारह रुपए की सम्मान राशि, ताम्रपत्र एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान महायज्ञ के प्रणेता प्रखर महाराज, संस्थान अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे एवं अन्य संत-महंतों द्वारा प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में डॉ. मण्डेला के साहित्यिक योगदान पर प्रकाश डाला गया। मुख्य अतिथि प्रखर महाराज का 21 किलो की माला एवं एक क्विंटल गुलाब पंखुड़ियों से भव्य स्वागत किया गया। संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष चन्द्र प्रकाश दुबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

कवि सम्मेलन का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवयित्री डॉ. कीर्ति काले ने किया, जिन्होंने सरस्वती वंदना एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। सम्मानित कवि डॉ. कैलाश मण्डेला ने स्व. सुरेन्द्र दुबे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए अपनी कृतज्ञता व्यक्त की।

कवि सम्मेलन में हास्य कवि दिनेश बंटी ने अपनी प्रस्तुति से श्रोताओं को हँसी से लोटपोट कर दिया। लखनऊ से आए ओजस्वी कवि प्रख्यात मिश्रा ने देशभक्ति से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर वातावरण को ऊर्जावान बना दिया। व्यंग्यकार शिव तूफान ने अपनी व्यंग्य रचना से खूब सराहना बटोरी, जबकि डॉ. प्रवीण शुक्ल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में प्रस्तुति देकर सभी को प्रभावित किया।

बिजयनगर के कवि नवीन शर्मा एवं अन्य रचनाकारों ने भी अपनी रचनाओं से कार्यक्रम को ऊँचाइयों तक पहुंचाया। डॉ. कैलाश मण्डेला की गुरुवंदना ने श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया, इस दौरान उन पर फूलों एवं नोटों की वर्षा होती रही।

कार्यक्रम की अध्यक्षता स्वामी आनंद ब्रह्मचारी जी महाराज ने की। मंच पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम, सज्जन प्रसाद तिवाड़ी, भजन गायक नन्दू महाराज, पुखराज दुबे, अशोक पारीक सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

समारोह ने यह सिद्ध कर दिया कि कविता केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, धर्म और आध्यात्म को जोड़ने वाली सशक्त कड़ी है।

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