ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं । ग्राम पंचायत बिरमी में आयोजित जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी मंच बनकर सामने आई। चौपाल के दौरान चार घुमंतु सांसी परिवारों ने पूर्व में आवंटित भूमि पर वास्तविक कब्जा नहीं मिलने की समस्या उठाई, जिस पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वर्षों पुरानी समस्या का मौके पर ही समाधान कर दिया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने ग्राम पंचायत प्रशासन, विकास अधिकारी एवं तहसीलदार को निर्देश दिए कि आवंटित भूमि का शीघ्र सीमांकन कराकर पात्र परिवारों को तत्काल कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
कलेक्टर के निर्देशों के बाद प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए अगले ही दिन कार्रवाई शुरू कर दी। उपखंड अधिकारी एवं खंड विकास अधिकारी के निर्देशन में वीडीओ और पटवारी को मौके पर भेजा गया, जहां सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर घुमंतु परिवारों को उनके भूखंड का भौतिक कब्जा सौंप दिया गया।
भूमि प्राप्त करने वाले लाभार्थियों—शांति देवी, विजय सिंह, प्रभुदयाल एवं मोहर सिंह—ने खुशी जताते हुए जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित इस समस्या के समाधान से अब उन्हें स्थायी आवास और बेहतर जीवन की उम्मीद जगी है।
इस दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव, उपखंड अधिकारी मुनेश कुमारी, खंड विकास अधिकारी अमित चौधरी, तहसीलदार शेर सिंह राठौड़ सहित अन्य जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
यह पूरा प्रकरण रात्रि चौपाल की प्रभावशीलता को दर्शाता है, जहां आमजन की समस्याओं को न केवल सुना जाता है, बल्कि उनका त्वरित समाधान भी सुनिश्चित किया जाता है। विशेष रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए यह पहल अत्यंत लाभकारी साबित हो रही है।




