Sunday, April 19, 2026

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शाहपुरा: “रोड नहीं तो टोल नहीं”—माताजी का खेड़ा में फूटा जनआक्रोश

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

शाहपुरा। शाहपुरा–माडल सांगानेर स्टेट हाईवे, जो ग्राम पंचायत माताजी का खेड़ा से होकर गुजरता है, इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरकर दलदल जैसी स्थिति बन गई है। खासतौर पर पंचायत भवन के सामने, होटल केसर पैलेस के सामने और माताजी मंदिर के पास हालात बेहद खराब हैं।

इन खतरनाक गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। गुरुवार सुबह की ताजा स्थिति में कई अध्यापक, मजदूर और राजगीर इन गड्ढों में गिरते-पड़ते नजर आए। ग्रामीणों ने अपनी ओर से चेतावनी के तौर पर गड्ढों में पेड़ की टहनियां डालकर संकेत दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

घटना का ताजा उदाहरण उस समय सामने आया जब सुबह एक अध्यापिका स्कूटी सहित पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने सड़क की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

गौरतलब है कि यह स्टेट हाईवे चंबल चौराहे पर नेशनल हाईवे को भी क्रॉस करता है, लेकिन यहां भी किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद संकेतकों का अभाव और भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने तत्काल चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।

इस गंभीर समस्या को लेकर जीव दया सेवा समिति शाहपुरा ने अब सख्त रुख अपनाया है। समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी ने टोल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 10 दिन के भीतर सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो “रोड नहीं तो टोल नहीं” आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और पूर्व में जाम लगाने के बावजूद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। पीसीसी सदस्य संदीप जीनगर, डॉ. मोहम्मद इशाक, शंकर लाल जाट, शिवराज जाट, राम प्रसाद जाट, बंटी बंजारा, बाबूलाल नाथ, रमेश सेन, सुरेश सेन और राजू लाल जाट सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन और टोल प्लाजा शाहपुरा पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टोल प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी।

फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

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शाहपुरा: “रोड नहीं तो टोल नहीं”—माताजी का खेड़ा में फूटा जनआक्रोश

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

शाहपुरा। शाहपुरा–माडल सांगानेर स्टेट हाईवे, जो ग्राम पंचायत माताजी का खेड़ा से होकर गुजरता है, इन दिनों अपनी बदहाल स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बारिश का पानी भरकर दलदल जैसी स्थिति बन गई है। खासतौर पर पंचायत भवन के सामने, होटल केसर पैलेस के सामने और माताजी मंदिर के पास हालात बेहद खराब हैं।

इन खतरनाक गड्ढों के कारण आए दिन राहगीर और वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। गुरुवार सुबह की ताजा स्थिति में कई अध्यापक, मजदूर और राजगीर इन गड्ढों में गिरते-पड़ते नजर आए। ग्रामीणों ने अपनी ओर से चेतावनी के तौर पर गड्ढों में पेड़ की टहनियां डालकर संकेत दिए हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन और संबंधित विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

घटना का ताजा उदाहरण उस समय सामने आया जब सुबह एक अध्यापिका स्कूटी सहित पानी से भरे गहरे गड्ढे में गिर गई। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद ग्रामीणों की सतर्कता से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। इस घटना ने सड़क की बदहाली और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर कर दिया है।

गौरतलब है कि यह स्टेट हाईवे चंबल चौराहे पर नेशनल हाईवे को भी क्रॉस करता है, लेकिन यहां भी किसी प्रकार का चेतावनी बोर्ड या संकेतक नहीं लगाया गया है। दुर्घटना संभावित क्षेत्र होने के बावजूद संकेतकों का अभाव और भी चिंताजनक है। ग्रामीणों ने तत्काल चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।

इस गंभीर समस्या को लेकर जीव दया सेवा समिति शाहपुरा ने अब सख्त रुख अपनाया है। समिति के संयोजक अतू खां कायमखानी ने टोल प्रबंधन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि 10 दिन के भीतर सड़क की मरम्मत नहीं की गई, तो “रोड नहीं तो टोल नहीं” आंदोलन शुरू किया जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जिम्मेदार अधिकारी किसी बड़े हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायतें करने और पूर्व में जाम लगाने के बावजूद भी कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है। पीसीसी सदस्य संदीप जीनगर, डॉ. मोहम्मद इशाक, शंकर लाल जाट, शिवराज जाट, राम प्रसाद जाट, बंटी बंजारा, बाबूलाल नाथ, रमेश सेन, सुरेश सेन और राजू लाल जाट सहित कई ग्रामीणों ने प्रशासन और टोल प्लाजा शाहपुरा पर लापरवाही का आरोप लगाया है।

ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते सड़क की स्थिति में सुधार नहीं किया गया तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि भविष्य में यदि कोई दुर्घटना होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी टोल प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होगी।

फिलहाल गांव में इस मुद्दे को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत और सुरक्षा उपायों की मांग कर रहे हैं।

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