Monday, April 20, 2026

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बठिंडा धान मंडी में घोटाले का आरोप: प्राइवेट व्यक्ति से लगवाई बोली, किसानों में आक्रोश

जिला ब्यूरों: समदीप सिंह वड़ैच

बठिंडा। जिले के गांव भाई बख्तार की दाना मंडी में गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद के लिए आए एक इंस्पेक्टर ने अपने स्थान पर एक निजी व्यक्ति को बोली लगाने के लिए भेज दिया, जिसका लोगों को पता चल गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद किसानों ने इसका विरोध किया।

किसानों का कहना है कि मंडी में मौजूद नमी मापने वाली मशीन (मॉइश्चर मीटर) भी खराब है, जो वास्तविक से अधिक नमी दिखा रही है। इसके चलते उनकी फसल को बार-बार रिजेक्ट किया जा रहा है। किसानों के अनुसार वे पिछले 15 से 20 दिनों से अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में परेशान हो रहे हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया सही तरीके से नहीं हो पा रही है।

किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी पैसे की मांग कर रहे हैं, जिसके बिना उनकी फसल की खरीद नहीं की जा रही। इस स्थिति से नाराज किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

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बठिंडा धान मंडी में घोटाले का आरोप: प्राइवेट व्यक्ति से लगवाई बोली, किसानों में आक्रोश

जिला ब्यूरों: समदीप सिंह वड़ैच

बठिंडा। जिले के गांव भाई बख्तार की दाना मंडी में गेहूं खरीद प्रक्रिया को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिला। किसानों ने आरोप लगाया कि खरीद के लिए आए एक इंस्पेक्टर ने अपने स्थान पर एक निजी व्यक्ति को बोली लगाने के लिए भेज दिया, जिसका लोगों को पता चल गया। इस घटना के बाद मौके पर मौजूद किसानों ने इसका विरोध किया।

किसानों का कहना है कि मंडी में मौजूद नमी मापने वाली मशीन (मॉइश्चर मीटर) भी खराब है, जो वास्तविक से अधिक नमी दिखा रही है। इसके चलते उनकी फसल को बार-बार रिजेक्ट किया जा रहा है। किसानों के अनुसार वे पिछले 15 से 20 दिनों से अपनी गेहूं की फसल लेकर मंडी में परेशान हो रहे हैं, लेकिन खरीद प्रक्रिया सही तरीके से नहीं हो पा रही है।

किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ कर्मचारी पैसे की मांग कर रहे हैं, जिसके बिना उनकी फसल की खरीद नहीं की जा रही। इस स्थिति से नाराज किसानों ने सरकार और संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें जानबूझकर परेशान किया जा रहा है।

किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द गेहूं खरीद की प्रक्रिया को सुचारू बनाया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।

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