Friday, April 24, 2026

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4060 करोड़ की मेगा पेयजल योजना पर सख्ती: कलेक्टर काना राम का औचक निरीक्षण

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी

सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल। जिले में दीर्घकालिक पेयजल समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का रविवार को जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का अवलोकन कर जल उपलब्धता व क्षमता का आकलन किया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग को सतर्कता एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2024-25 में लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत सवाई माधोपुर एवं करौली जिले के कुल 1426 गांवों एवं 8 शहरों को पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जाएगा।

इसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर—सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां—शामिल हैं। तहसीलवार लाभान्वित गांवों में वजीरपुर के 40, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांव शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को वर्ष 2054 तक की अनुमानित पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे सवाई माधोपुर जिले की करीब 19.5 लाख संभावित आबादी को स्थायी पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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4060 करोड़ की मेगा पेयजल योजना पर सख्ती: कलेक्टर काना राम का औचक निरीक्षण

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी

सवाई माधोपुर, 19 अप्रैल। जिले में दीर्घकालिक पेयजल समाधान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संचालित चंबल–नादौती–सवाई माधोपुर वृहद पेयजल परियोजना का रविवार को जिला कलक्टर काना राम ने मण्डरायल क्षेत्र में निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलक्टर ने मण्डरायल स्थित चंबल सीडब्ल्यूआर सेंटर, फिल्टर प्लांट एवं राजघाट पर बने इनटेक वेल का अवलोकन कर जल उपलब्धता व क्षमता का आकलन किया। भीषण गर्मी को देखते हुए उन्होंने पेयजल आपूर्ति व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए जलदाय विभाग को सतर्कता एवं समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

अधीक्षण अभियंता जी.एस. शर्मा ने जानकारी दी कि राज्य सरकार द्वारा बजट वर्ष 2024-25 में लगभग 4060 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत सवाई माधोपुर एवं करौली जिले के कुल 1426 गांवों एवं 8 शहरों को पेयजल आपूर्ति से जोड़ा जाएगा।

इसमें सवाई माधोपुर जिले के 579 गांव एवं 4 शहर—सवाई माधोपुर, गंगापुर सिटी, बामनवास एवं महूकलां—शामिल हैं। तहसीलवार लाभान्वित गांवों में वजीरपुर के 40, गंगापुर सिटी के 78, बामनवास के 139, खण्डार के 126, सवाई माधोपुर के 147 एवं चौथ का बरवाड़ा के 49 गांव शामिल हैं।

अधिकारियों ने बताया कि परियोजना को वर्ष 2054 तक की अनुमानित पेयजल मांग को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिससे सवाई माधोपुर जिले की करीब 19.5 लाख संभावित आबादी को स्थायी पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।

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