ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे
गडचिरोली। जिले में विकास कार्यों को गति देने और नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सह-पालक मंत्री आशीष जयसवाल ने विभिन्न स्थानों पर महत्वपूर्ण उद्घाटन एवं लोकार्पण किए। इस दौरान स्वास्थ्य, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास तथा पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई।
मेंढा गांव में आयुष्मान भारत स्वास्थ्य उप-केंद्र का उद्घाटन किया गया, जिससे ग्रामीणों को बेहतर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। आमझरी में पशु चिकित्सालय के साथ जिले के पहले पशु स्नानगृह (एनिमल बाथरूम) का लोकार्पण हुआ। इस अवसर पर मंत्री ने स्वयं गाय को स्नान कराकर इस सुविधा की उपयोगिता को रेखांकित किया।
इंजेवारी में नई आंगनवाड़ी भवन का उद्घाटन कर बच्चों के पोषण एवं प्रारंभिक शिक्षा को मजबूती दी गई। वहीं देउळगाव में मुख्यमंत्री पंचायत राज अभियान के तहत ग्राम पंचायत द्वारा जनभागीदारी से विकसित नर्सरी का निरीक्षण किया गया, जहां लगभग 1000 आम और 700 सहजन के पौधे लगाए गए हैं। मंत्री ने इसे पर्यावरण संरक्षण के साथ ग्रामीणों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।
‘नो प्लास्टिक’ का सख्त संदेश
दौरे के दौरान कुछ स्थानों पर स्वागत में प्लास्टिक में लिपटे पुष्पगुच्छ प्रस्तुत किए जाने पर मंत्री ने उन्हें लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक से पर्यावरण को गंभीर नुकसान होता है और इसके निपटान में भी कठिनाई आती है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में यदि प्लास्टिक में लिपटे बुके दिए गए तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री की यह पहल जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है और इसे एक अनोखा तथा प्रेरणादायी कदम माना जा रहा है।
अधिकारी और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद
इस दौरान जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुहास गाडे, विधायक रामदास मसराम, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र भुयार, परियोजना अधिकारी राहुल कालभोर, उप मुख्य कार्यकारी अधिकारी (महिला एवं बाल विकास) दीपक बानाईत सहित अन्य अधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
मुख्य बिंदु:
- विकास कार्यों का व्यापक लोकार्पण
- स्वास्थ्य, पशुपालन और बाल विकास पर जोर
- पर्यावरण संरक्षण के लिए नर्सरी पहल
- प्लास्टिक उपयोग पर सख्त रुख और कार्रवाई की चेतावनी
गडचिरोली में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का यह संदेश अब एक सकारात्मक जनआंदोलन का रूप ले सकता है।




