Thursday, May 7, 2026

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वैशाखी पूर्णिमा पर नरसिंह मंदिर में भक्ति का सागर, भजन संध्या व भंडारे में उमड़ी भीड़

ब्यूरो चीफ: विजय द्विवेदी

सरदारपुर। वैशाखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर माही नदी तट स्थित नरसिंह मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान भजन संध्या और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत 30 अप्रैल की शाम भजन संध्या से हुई, जिसमें स्थानीय व आमंत्रित भजन गायकों ने भगवान नरसिंह की महिमा का गुणगान किया। मधुर भजनों और कीर्तन से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया और श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे।

अगले दिन 1 मई को प्रातः 9 बजे महाआरती एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया। महाआरती के लाभार्थी मंटूलाल पाटीदार (सेठ) बड़ोदिया वाले रहे। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे की व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और सेवा में लगे स्वयंसेवकों ने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया।

मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन हर वर्ष श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित किए जाते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और इसे पूर्ण करने के लिए श्रद्धालुओं के सहयोग की आवश्यकता है।

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वैशाखी पूर्णिमा पर नरसिंह मंदिर में भक्ति का सागर, भजन संध्या व भंडारे में उमड़ी भीड़

ब्यूरो चीफ: विजय द्विवेदी

सरदारपुर। वैशाखी पूर्णिमा के पावन अवसर पर माही नदी तट स्थित नरसिंह मंदिर में भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस दौरान भजन संध्या और विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।

कार्यक्रम की शुरुआत 30 अप्रैल की शाम भजन संध्या से हुई, जिसमें स्थानीय व आमंत्रित भजन गायकों ने भगवान नरसिंह की महिमा का गुणगान किया। मधुर भजनों और कीर्तन से मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण बन गया और श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे।

अगले दिन 1 मई को प्रातः 9 बजे महाआरती एवं छप्पन भोग का आयोजन किया गया। महाआरती के लाभार्थी मंटूलाल पाटीदार (सेठ) बड़ोदिया वाले रहे। इसके पश्चात विशाल भंडारे का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

भंडारे की व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और सेवा में लगे स्वयंसेवकों ने समर्पण भाव से अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ किया, बल्कि सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी बढ़ावा दिया।

मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि इस प्रकार के आयोजन हर वर्ष श्रद्धालुओं के सहयोग से आयोजित किए जाते हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि मंदिर का निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है और इसे पूर्ण करने के लिए श्रद्धालुओं के सहयोग की आवश्यकता है।

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