Friday, May 8, 2026

National

spot_img

केसरी सिंह बारहठ की जन्मस्थली पर विरासत को मिला नया जीवन! पैतृक कुई का कार्य हुआ पूर्ण 

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा। राष्ट्रभक्त एवं स्वतंत्रता सेनानी Kesari Singh Barhath की जन्मस्थली पर स्थित पैतृक कुई के निर्माण एवं पुनर्स्थापन कार्य के पूर्ण होने पर क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। यह कार्य ग्राम पंचायत डाबला कचरा की सरपंच मैना देवी धाकड़ के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह कार्य लंबे समय से क्षेत्रवासियों का सपना था, जो अब साकार हो पाया है। इस ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया।

कार्य में विशेष सहयोग दिलीप कुमार वैष्णव, बसंत कुमार वैष्णव एवं सुरेश चंद्र द्वारा प्रदान किया गया। सहयोगकर्ताओं ने बताया कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और गौरव को संरक्षित करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी केसरी सिंह बारहठ की स्मृतियों से जुड़ी इस पैतृक कुई का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनेगा। क्षेत्रवासियों ने इस कार्य को समाजहित एवं धरोहर संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सहयोगकर्ताओं ने आगे भी इसी प्रकार समाजहित और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

International

spot_img

केसरी सिंह बारहठ की जन्मस्थली पर विरासत को मिला नया जीवन! पैतृक कुई का कार्य हुआ पूर्ण 

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा। राष्ट्रभक्त एवं स्वतंत्रता सेनानी Kesari Singh Barhath की जन्मस्थली पर स्थित पैतृक कुई के निर्माण एवं पुनर्स्थापन कार्य के पूर्ण होने पर क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। यह कार्य ग्राम पंचायत डाबला कचरा की सरपंच मैना देवी धाकड़ के सहयोग से सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

स्थानीय लोगों के अनुसार यह कार्य लंबे समय से क्षेत्रवासियों का सपना था, जो अब साकार हो पाया है। इस ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को लेकर लोगों में विशेष उत्साह देखा गया।

कार्य में विशेष सहयोग दिलीप कुमार वैष्णव, बसंत कुमार वैष्णव एवं सुरेश चंद्र द्वारा प्रदान किया गया। सहयोगकर्ताओं ने बताया कि यह केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत और गौरव को संरक्षित करने का प्रयास है।

उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानी केसरी सिंह बारहठ की स्मृतियों से जुड़ी इस पैतृक कुई का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों को अपने इतिहास और संस्कृति से जोड़ने का माध्यम बनेगा। क्षेत्रवासियों ने इस कार्य को समाजहित एवं धरोहर संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

सहयोगकर्ताओं ने आगे भी इसी प्रकार समाजहित और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES