ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे
गडचिरोली (महाराष्ट्र)। जिले में बढ़ती गलत सूचना और भावनात्मक हेरफेर की घटनाओं को लेकर पुलिस प्रशासन ने गंभीर चेतावनी जारी की है। पुलिस अधीक्षक निलोत्पल के नेतृत्व में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान के तहत बताया गया कि भ्रामक जानकारी और कानून से जुड़े मिथकों के कारण परिवारों में दरारें बढ़ रही हैं, जिससे सामाजिक संरचना भी प्रभावित हो रही है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए बनाए गए कानूनों का उद्देश्य संरक्षण और न्याय है, लेकिन यदि इनका दुरुपयोग प्रतिशोध या पारिवारिक विघटन के लिए किया जाता है, तो यह न्याय व्यवस्था के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है। उन्होंने कहा कि बाहरी तत्वों द्वारा फैलायी गई गलत जानकारी के कारण परिवारों में अविश्वास की स्थिति बनती है, जो अंततः रिश्तों के टूटने का कारण बनती है।
इसी के मद्देनजर जिले में “मिशन शक्ति” जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। अजय कोकाटे के मार्गदर्शन में आष्टी थाना क्षेत्र में पुलिस निरीक्षक विशाल काळे द्वारा महिलाओं, बालिकाओं एवं आमजन को उनके अधिकारों, साइबर अपराध और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक किया गया।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्हें आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए निर्भय होकर पुलिस से संपर्क करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में भाग्यश्री जगताप एवं अपेक्षा मेश्राम ने साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, डिजिटल अरेस्टिंग जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी और महिलाओं को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं व सुरक्षा उपायों से अवगत कराया।
पुलिस ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 वूमेन पावर हेल्पलाइन, 1030 साइबर अपराध हेल्पलाइन, 108 एंबुलेंस सेवा एवं 112 पुलिस आपातकालीन सेवा जैसे नंबर हर समय सक्रिय हैं।
पुलिस प्रशासन ने अपील की है कि समाज में शांति, सुरक्षा और पारिवारिक एकता बनाए रखने के लिए अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।




