Wednesday, April 22, 2026

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आबूरोड में पुलिस की बड़ी चूक ? नाक के नीचे से निकल गई 5 लाख की शराब!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबूरोड। रीको थाना क्षेत्र की छापरी चौकी पर तैनात पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। चौकी के ठीक क्षेत्र से गुजरते हुए करीब 5 लाख रुपए की अवैध शराब की खेप पुलिस की नजरों से बचकर निकल गई, जिसे बाद में गुजरात की अंबाजी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार, एक वॉल्सवेगन कार आबूरोड के छापरी चौकी क्षेत्र से होकर गुजरी, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं, छापरी चौकी से कुछ ही दूरी पर अंबाजी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान वाहन को रोका और तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की।

अंबाजी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल शराब जब्त की, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद रीको थाना और छापरी चौकी पर तैनात पुलिस की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते छापरी चौकी पर तैनात पुलिस सक्रिय रहती, तो इतनी बड़ी खेप को रोका जा सकता था। घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

International

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आबूरोड में पुलिस की बड़ी चूक ? नाक के नीचे से निकल गई 5 लाख की शराब!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबूरोड। रीको थाना क्षेत्र की छापरी चौकी पर तैनात पुलिस एक बार फिर अपनी कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। चौकी के ठीक क्षेत्र से गुजरते हुए करीब 5 लाख रुपए की अवैध शराब की खेप पुलिस की नजरों से बचकर निकल गई, जिसे बाद में गुजरात की अंबाजी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पकड़ लिया।

जानकारी के अनुसार, एक वॉल्सवेगन कार आबूरोड के छापरी चौकी क्षेत्र से होकर गुजरी, लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मियों को इसकी भनक तक नहीं लगी। वहीं, छापरी चौकी से कुछ ही दूरी पर अंबाजी पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान वाहन को रोका और तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखी गई विदेशी शराब की बड़ी खेप बरामद की।

अंबाजी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए न केवल शराब जब्त की, बल्कि आरोपियों को भी गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना के बाद रीको थाना और छापरी चौकी पर तैनात पुलिस की सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते छापरी चौकी पर तैनात पुलिस सक्रिय रहती, तो इतनी बड़ी खेप को रोका जा सकता था। घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।

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