Tuesday, April 21, 2026

National

spot_img

गांधी चौक का सार्वजनिक शौचालय बना बदहाली का प्रतीक, ‘स्वच्छ भारत’ को ठेंगा

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं

झुंझुनूं के गांधी चौक स्थित नगर परिषद का सार्वजनिक सुलभ शौचालय इन दिनों बदहाल स्थिति में ‘राम भरोसे’ संचालित हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाई गई यह सुविधा अब गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।

अंदर का मंजर चौंकाने वाला
शौचालय में प्रवेश करते ही शराब की खाली बोतलें, पव्वे और ढक्कन बिखरे नजर आते हैं। चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे यहां जाना तक मुश्किल हो गया है। पानी के अधिकांश नल टूटे पड़े हैं, जबकि कुछ नलों से लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। बाथरूम के दरवाजों के लॉक तक उखाड़ लिए गए हैं, जिससे सुरक्षा और उपयोगिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

हादसे को न्योता देता वाटर कूलर
सबसे गंभीर स्थिति वाटर कूलर की है, जो खुले और लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। आसपास फैली गंदगी और खुले बिजली के तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

स्वच्छता दावों की खुली पोल

  • सफाई कर्मचारी नदारद: स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से यहां नियमित सफाई नहीं हुई है।
  • शराबियों का अड्डा: दिन-रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आमजन, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, असहज महसूस करते हैं।
  • पानी-बिजली की बर्बादी: टूटे नलों से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, वहीं खुले बिजली कनेक्शन खतरा बने हुए हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से शीघ्र सफाई, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि यह सार्वजनिक सुविधा फिर से आमजन के उपयोग योग्य बन सके।

International

spot_img

गांधी चौक का सार्वजनिक शौचालय बना बदहाली का प्रतीक, ‘स्वच्छ भारत’ को ठेंगा

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं

झुंझुनूं के गांधी चौक स्थित नगर परिषद का सार्वजनिक सुलभ शौचालय इन दिनों बदहाल स्थिति में ‘राम भरोसे’ संचालित हो रहा है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत बनाई गई यह सुविधा अब गंदगी, अव्यवस्था और लापरवाही का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है।

अंदर का मंजर चौंकाने वाला
शौचालय में प्रवेश करते ही शराब की खाली बोतलें, पव्वे और ढक्कन बिखरे नजर आते हैं। चारों ओर गंदगी के ढेर लगे हुए हैं, जिससे यहां जाना तक मुश्किल हो गया है। पानी के अधिकांश नल टूटे पड़े हैं, जबकि कुछ नलों से लगातार पानी बहकर बर्बाद हो रहा है। बाथरूम के दरवाजों के लॉक तक उखाड़ लिए गए हैं, जिससे सुरक्षा और उपयोगिता दोनों प्रभावित हो रही हैं।

हादसे को न्योता देता वाटर कूलर
सबसे गंभीर स्थिति वाटर कूलर की है, जो खुले और लावारिस हालत में पड़ा हुआ है। आसपास फैली गंदगी और खुले बिजली के तार किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।

स्वच्छता दावों की खुली पोल

  • सफाई कर्मचारी नदारद: स्थानीय लोगों का कहना है कि महीनों से यहां नियमित सफाई नहीं हुई है।
  • शराबियों का अड्डा: दिन-रात नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आमजन, विशेषकर महिलाएं और बच्चे, असहज महसूस करते हैं।
  • पानी-बिजली की बर्बादी: टूटे नलों से प्रतिदिन हजारों लीटर पानी व्यर्थ बह रहा है, वहीं खुले बिजली कनेक्शन खतरा बने हुए हैं।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद से शीघ्र सफाई, मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि यह सार्वजनिक सुविधा फिर से आमजन के उपयोग योग्य बन सके।

National

spot_img

International

spot_img
RELATED ARTICLES