ब्यूरो रिपोर्ट:
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के नेपाल सीमा से सटे बूंदीभूड़ गांव में शराब की दुकान खोलने को लेकर महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। शराब की दुकान के विरोध में बड़ी संख्या में महिलाओं ने प्रदर्शन किया, जो देखते ही देखते उग्र हो गया। विरोध के दौरान महिलाओं और पुलिस-प्रशासन के बीच तीखी झड़प हुई, जिससे पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, गांव की महिलाएं पिछले कई दिनों से शराब की दुकान खोले जाने का विरोध कर रही थीं। महिलाओं का कहना था कि गांव में शराब की दुकान खुलने से घरेलू हिंसा बढ़ेगी, परिवार टूटेंगे और युवाओं का भविष्य खराब होगा। इसके बावजूद जब प्रशासन और आबकारी विभाग की टीम दुकान खुलवाने पहुंची तो ग्रामीण महिलाओं का आक्रोश भड़क उठा।
बताया जा रहा है कि करीब 250 महिलाओं ने मौके पर पहुंचकर शराब की पेटियां तोड़ दीं और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके से पीछे हटना पड़ा। झड़प के दौरान तहसीलदार और थाना प्रभारी के घायल होने की भी सूचना है।
हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई महिलाओं के घायल होने की खबर सामने आई है। घटना के बाद गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और पूरे क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि वे अपने परिवारों को शराब की लत से बर्बाद होते नहीं देखना चाहतीं। उनका आरोप है कि गांव-गांव शराब की दुकानें खोलकर समाज को नशे की ओर धकेला जा रहा है। महिलाओं ने सवाल उठाया कि यदि सरकार नशामुक्त समाज की बात करती है तो फिर आबादी वाले क्षेत्रों में शराब की दुकानें क्यों खोली जा रही हैं।
वहीं प्रशासन का कहना है कि शराब की दुकान वैध लाइसेंस के तहत खोली जा रही थी और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
यह घटना अब केवल शराब की दुकान के विरोध तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि गांव की महिलाओं के सामाजिक और पारिवारिक संघर्ष का प्रतीक बनकर सामने आई है।




