Thursday, May 7, 2026

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छात्राओं ने जानी एफएसटीपी की कार्यप्रणाली, किया ट्रीटमेंट प्लांट का भ्रमण

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा।
राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता कार्यक्रम के तहत आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधी नगर की छात्राओं को जहाजपुर रोड स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया।

इस दौरान नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता प्रहलाद गुलपारिया ने छात्राओं को एफएसटीपी की कार्यप्रणाली एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राइमरी ट्रीटमेंट यूनिट, एमबीआर, स्टेबलाइजेशन टैंक, स्क्रू प्रेस और स्लज ड्रायर जैसी इकाइयों के बारे में समझाया।

कार्यक्रम में कैप इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जेंडर स्पेशलिस्ट महेंद्र सिंह राणावत ने बताया कि घरों के सेप्टिक टैंक या शौकपिट को नगर पालिका में निर्धारित 1500 रुपये शुल्क जमा कराकर खाली करवाया जा सकता है। एफएसटीपी पर अपशिष्ट का उपचार कर उसे खाद के रूप में खेतों में उपयोग किया जाता है, जिससे गंदगी से निजात मिलती है और पर्यावरण स्वच्छ रहता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घरों के सेप्टिक टैंक हर 5 वर्ष में खाली करवाने के लिए प्रेरित किया तथा टोल फ्री नंबर 18002578182 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता और एफएसटीपी के लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक अशोक शर्मा, चंदा सुथार सहित छात्राएं उपस्थित रहीं।

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छात्राओं ने जानी एफएसटीपी की कार्यप्रणाली, किया ट्रीटमेंट प्लांट का भ्रमण

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राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) के सामुदायिक जागरूकता एवं जन सहभागिता कार्यक्रम के तहत आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक विद्यालय, गांधी नगर की छात्राओं को जहाजपुर रोड स्थित फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया।

इस दौरान नगर पालिका के कनिष्ठ अभियंता प्रहलाद गुलपारिया ने छात्राओं को एफएसटीपी की कार्यप्रणाली एवं तकनीकी पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने प्राइमरी ट्रीटमेंट यूनिट, एमबीआर, स्टेबलाइजेशन टैंक, स्क्रू प्रेस और स्लज ड्रायर जैसी इकाइयों के बारे में समझाया।

कार्यक्रम में कैप इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जेंडर स्पेशलिस्ट महेंद्र सिंह राणावत ने बताया कि घरों के सेप्टिक टैंक या शौकपिट को नगर पालिका में निर्धारित 1500 रुपये शुल्क जमा कराकर खाली करवाया जा सकता है। एफएसटीपी पर अपशिष्ट का उपचार कर उसे खाद के रूप में खेतों में उपयोग किया जाता है, जिससे गंदगी से निजात मिलती है और पर्यावरण स्वच्छ रहता है।

उन्होंने विद्यार्थियों को अपने घरों के सेप्टिक टैंक हर 5 वर्ष में खाली करवाने के लिए प्रेरित किया तथा टोल फ्री नंबर 18002578182 पर संपर्क कर जानकारी प्राप्त करने की सलाह दी। साथ ही व्यक्तिगत स्वच्छता और एफएसटीपी के लाभों के बारे में भी जागरूक किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक अशोक शर्मा, चंदा सुथार सहित छात्राएं उपस्थित रहीं।

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