Friday, May 15, 2026

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तामिया में नल-जल योजना फेल: पानी के लिए सड़कों पर उतरीं महिलाएं

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर, छिंदवाड़ा

तामिया। तामिया विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत दोरियाखेड़ा में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों को रोजाना 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। गांव में नल-जल योजना अधूरी पड़ी होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में पाइपलाइन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिसके चलते जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। समस्या से परेशान महिलाओं ने बर्तन लेकर जनपद पंचायत पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और “पानी दो, पानी दो” के नारे लगाए।

ग्राम पंचायत देलाखारी के उपसरपंच एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजदीप साहू ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार ठेकेदार, पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएचई विभाग के अधिकारी भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा अधूरा कार्य छोड़ दिए जाने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। जल संकट के कारण न सिर्फ लोगों बल्कि मवेशियों के लिए भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

इस मामले में जब जनपद पंचायत तामिया की सीईओ मोनिका झारिया से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि “कल तक समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।”

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ेगा और क्या प्रशासन इस बार वास्तव में कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर आश्वासन ही मिलता रहेगा।

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तामिया में नल-जल योजना फेल: पानी के लिए सड़कों पर उतरीं महिलाएं

ब्यूरो रिपोर्ट: ज्ञानेंद्र इंदौरकर, छिंदवाड़ा

तामिया। तामिया विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत दोरियाखेड़ा में इन दिनों पेयजल संकट गहराता जा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि ग्रामीणों को रोजाना 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाना पड़ रहा है। गांव में नल-जल योजना अधूरी पड़ी होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार गांव में पाइपलाइन का कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है, जिसके चलते जल आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई है। समस्या से परेशान महिलाओं ने बर्तन लेकर जनपद पंचायत पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और “पानी दो, पानी दो” के नारे लगाए।

ग्राम पंचायत देलाखारी के उपसरपंच एवं युवा कांग्रेस अध्यक्ष राजदीप साहू ने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार ठेकेदार, पंचायत और संबंधित अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएचई विभाग के अधिकारी भी इस गंभीर समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार द्वारा अधूरा कार्य छोड़ दिए जाने से स्थिति और अधिक बिगड़ गई है। जल संकट के कारण न सिर्फ लोगों बल्कि मवेशियों के लिए भी गंभीर समस्या खड़ी हो गई है।

इस मामले में जब जनपद पंचायत तामिया की सीईओ मोनिका झारिया से बात की गई, तो उन्होंने आश्वासन दिया कि “कल तक समस्या का निराकरण कर दिया जाएगा।”

अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक ग्रामीणों को इस समस्या से जूझना पड़ेगा और क्या प्रशासन इस बार वास्तव में कोई ठोस कदम उठाएगा या फिर आश्वासन ही मिलता रहेगा।

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