Wednesday, May 6, 2026

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70 सालों से जीवित परंपरा! गोठड़ा बना ‘वृंदावन’, 15 मई से भव्य रामलीला का आगाज़

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

गोठड़ा। गोठड़ा गांव आज भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। जहां एक ओर बदलते समय के साथ रामलीला जैसी प्राचीन परंपराएं धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं, वहीं गोठड़ा पिछले लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा को निरंतर जीवित रखे हुए है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में गोठड़ा को ‘वृंदावन’ के रूप में भी पहचान मिली है।

गांव में आगामी 15 मई 2026 से भव्य रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस संबंध में 28 अप्रैल को श्री गोपाल जी मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मोहनलाल जाट ने की।

रामलीला के प्रमुख पात्र एवं अध्यापक रमेश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों के प्रसार का सशक्त जरिया है। रामलीला के माध्यम से गांव के बच्चों को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और संस्कारों की प्रेरणा मिलती है।

गांव में इस परंपरा के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। यहां सामाजिक सौहार्द, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जागरूकता का विशेष वातावरण बना हुआ है। नियमित रूप से भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

बैठक में गोपाल जाट, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरि बल्लभ शर्मा, रमेश शर्मा, घनश्याम वैष्णव, रामजीलाल, राधेश्याम शास्त्री, हरिशंकर चौधरी (पूर्व उपसरपंच), आर.डी. चौधरी (पूर्व डायरेक्टर), गोपाल चौधरी, हनुमान चौराड़ा, महावीर वैष्णव, बजरंग लाल दांताड़ा, हरिमोहन (पूर्व सरपंच), सियाराम भगत सहित कई गणमान्य नागरिक एवं कलाकार उपस्थित रहे।

ग्रामीणों में रामलीला को लेकर खासा उत्साह है और आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।

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70 सालों से जीवित परंपरा! गोठड़ा बना ‘वृंदावन’, 15 मई से भव्य रामलीला का आगाज़

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

गोठड़ा। गोठड़ा गांव आज भी अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है। जहां एक ओर बदलते समय के साथ रामलीला जैसी प्राचीन परंपराएं धीरे-धीरे लुप्त होती जा रही हैं, वहीं गोठड़ा पिछले लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा को निरंतर जीवित रखे हुए है। यही कारण है कि इस क्षेत्र में गोठड़ा को ‘वृंदावन’ के रूप में भी पहचान मिली है।

गांव में आगामी 15 मई 2026 से भव्य रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस संबंध में 28 अप्रैल को श्री गोपाल जी मंदिर परिसर में आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। बैठक की अध्यक्षता मोहनलाल जाट ने की।

रामलीला के प्रमुख पात्र एवं अध्यापक रमेश चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि यह आयोजन केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज में धार्मिक और नैतिक मूल्यों के प्रसार का सशक्त जरिया है। रामलीला के माध्यम से गांव के बच्चों को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और संस्कारों की प्रेरणा मिलती है।

गांव में इस परंपरा के सकारात्मक प्रभाव स्पष्ट रूप से देखे जा सकते हैं। यहां सामाजिक सौहार्द, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जागरूकता का विशेष वातावरण बना हुआ है। नियमित रूप से भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं।

बैठक में गोपाल जाट, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरि बल्लभ शर्मा, रमेश शर्मा, घनश्याम वैष्णव, रामजीलाल, राधेश्याम शास्त्री, हरिशंकर चौधरी (पूर्व उपसरपंच), आर.डी. चौधरी (पूर्व डायरेक्टर), गोपाल चौधरी, हनुमान चौराड़ा, महावीर वैष्णव, बजरंग लाल दांताड़ा, हरिमोहन (पूर्व सरपंच), सियाराम भगत सहित कई गणमान्य नागरिक एवं कलाकार उपस्थित रहे।

ग्रामीणों में रामलीला को लेकर खासा उत्साह है और आयोजन को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं।

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