ब्यूरो रिपोर्ट: सुरेश सैनी, झुंझुनूं
महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की तीनों इकाइयों द्वारा 15 मार्च को महाविद्यालय परिसर में तृतीय एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. सुरेन्द्र सिंह द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने अपने उद्बोधन में राजस्थान दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, इतिहास और परंपराओं को जानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने जल संरक्षण की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जल हमारे जीवन का अमूल्य आधार है और इसके संरक्षण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करना चाहिए।
शिविर का आयोजन तीन सत्रों में किया गया। प्रथम सत्र में श्रमदान कार्यक्रम के अंतर्गत एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाया गया। स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक साफ-सफाई कर एकत्रित कचरे का उचित निस्तारण किया तथा स्वच्छता का संदेश दिया।
द्वितीय सत्र में बौद्धिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया गया। राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में “राजस्थान को जानें” विषय पर प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता, राजस्थान की संस्कृति एवं विरासत पर आधारित चित्रकला प्रतियोगिता तथा भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें स्वयंसेवकों ने बढ़-चढ़कर भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में एकता (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने प्रथम, मनीषा (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा तनुजा चौधरी (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। चित्रकला प्रतियोगिता में कशिश चाहर (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) प्रथम, एकता (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) द्वितीय तथा शुभम (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) तृतीय स्थान पर रहे। भाषण प्रतियोगिता में तोहिद (बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर, गणित) ने प्रथम, प्रियंका (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने द्वितीय तथा साहिल (बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर, जीवविज्ञान) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
तृतीय सत्र में जल संरक्षण का संदेश देते हुए स्वयंसेवकों द्वारा महाविद्यालय परिसर में लगे पौधों की निराई-गुड़ाई की गई तथा उन्हें पानी दिया गया। साथ ही पक्षियों के लिए परिंडों में पानी भरकर पर्यावरण संरक्षण और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी डॉ. विकास मील, रमेश कुमार एवं डॉ. आकांक्षा डूडी सहित महाविद्यालय का समस्त स्टाफ तथा एनएसएस की तीनों इकाइयों के स्वयंसेवक उपस्थित रहे।




