ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर
राजस्थान दिवस और नव संवत्सर के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास से ‘विकसित ग्राम-शहरी वार्ड अभियान’ का शुभारंभ किया। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी वार्डों के लिए मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा, जिससे आने वाले दशकों की जरूरतों के अनुरूप योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि यह अभियान नए राजस्थान के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जहां आधुनिकता और सांस्कृतिक विरासत का संतुलित समन्वय देखने को मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य गांव और शहर दोनों को समान रूप से बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित करना है, ताकि हर क्षेत्र में संतुलित और समावेशी विकास हो सके।
उन्होंने कहा कि विकसित गांव ही विकसित राजस्थान और विकसित भारत की आधारशिला हैं। इस अभियान के माध्यम से स्थानीय आवश्यकताओं और जन आकांक्षाओं के अनुरूप विकास का रोडमैप तैयार कर उसे जमीनी स्तर तक लागू किया जाएगा। शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, बिजली और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
राज्य सरकार के ‘विकसित राजस्थान @2047’ विजन के तहत राजस्थान इंस्टीट्यूट फॉर ट्रांसफॉर्मेशन एंड इनोवेशन (रीति) के माध्यम से इस अभियान का संचालन किया जा रहा है। यह अभियान 19 मार्च से 15 मई तक चलेगा। इसके अंतर्गत ग्राम पंचायत और शहरी वार्ड स्तर पर अल्पकालिक (2030 तक), मध्यकालीन (2035 तक) और दीर्घकालीन (2047 तक) विकास योजनाओं का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।
अभियान के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत और वार्ड की डायनेमिक प्रोफाइल तैयार कर वहां उपलब्ध संसाधनों, बुनियादी सुविधाओं और विकास की प्राथमिकताओं का आकलन किया जाएगा, जिससे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
सवाई माधोपुर से अधिकारी वर्चुअल रूप से जुड़े
सवाई माधोपुर जिले में भी इस कार्यक्रम का वर्चुअल प्रसारण किया गया, जिसमें जिला स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े। इस दौरान जिला कलक्टर काना राम, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




