Monday, April 20, 2026

National

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भोल शाह पीर बाबा के उर्स में उमड़ा आस्था का सैलाब!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबूरोड। शहर के समीप मावल गांव स्थित हजरत सैयद भोल शाह पीर बाबा के सालाना उर्स का आयोजन रविवार को बड़े ही श्रद्धा और शानो-शौकत के साथ संपन्न हुआ। उर्स के अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचे और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर दुआएं मांगी।

सुबह दरगाह परिसर में कुरानख्वानी के साथ तकरीर का आयोजन किया गया, जिसमें शहर व आसपास के क्षेत्रों से आए मौलानाओं ने भाग लिया। मौलाना मेहराज अहमद अशरफी, मौलाना इमानुल हसन, मौलाना हन्नान नूरी सहित अन्य उलेमाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए हजरत भोल शाह बाबा की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीर-औलियाओं की दरगाहों पर सभी धर्मों के लोगों की दुआएं कबूल होती हैं और सच्चे दिल से मांगी गई मुरादें कभी खाली नहीं जातीं।

तकरीर में हिन्दुस्तान की कौमी एकता को दुनिया के लिए मिसाल बताते हुए कहा गया कि यहां सभी धर्मों के लोग भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते हैं, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।

उर्स के दौरान अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर चादर पेश कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगी। इसके पश्चात दरगाह पर गुस्ल व संदल की रस्म अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में दरगाह कमेटी के सदर हाजी सलीम खान, कोषाध्यक्ष वजीर खान, सचिव लईक अहमद सहित शरीफ खान, मुख्तियार खान, वाजिद अली, मोहम्मद शरीफ, आजाद खान कायमखानी, सलीम पठान, नजीर खान, दिलपेश खान, इमरान खान, अयूब खान, शौकत नागौरी व अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभाली।

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भोल शाह पीर बाबा के उर्स में उमड़ा आस्था का सैलाब!

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबूरोड। शहर के समीप मावल गांव स्थित हजरत सैयद भोल शाह पीर बाबा के सालाना उर्स का आयोजन रविवार को बड़े ही श्रद्धा और शानो-शौकत के साथ संपन्न हुआ। उर्स के अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद दरगाह पहुंचे और बाबा के दरबार में हाजिरी लगाकर दुआएं मांगी।

सुबह दरगाह परिसर में कुरानख्वानी के साथ तकरीर का आयोजन किया गया, जिसमें शहर व आसपास के क्षेत्रों से आए मौलानाओं ने भाग लिया। मौलाना मेहराज अहमद अशरफी, मौलाना इमानुल हसन, मौलाना हन्नान नूरी सहित अन्य उलेमाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए हजरत भोल शाह बाबा की जीवनी पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पीर-औलियाओं की दरगाहों पर सभी धर्मों के लोगों की दुआएं कबूल होती हैं और सच्चे दिल से मांगी गई मुरादें कभी खाली नहीं जातीं।

तकरीर में हिन्दुस्तान की कौमी एकता को दुनिया के लिए मिसाल बताते हुए कहा गया कि यहां सभी धर्मों के लोग भाईचारे और सौहार्द के साथ रहते हैं, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।

उर्स के दौरान अकीदतमंदों ने बाबा की दरगाह पर चादर पेश कर देश में अमन-चैन, खुशहाली और भाईचारे की दुआएं मांगी। इसके पश्चात दरगाह पर गुस्ल व संदल की रस्म अदा की गई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में दरगाह कमेटी के सदर हाजी सलीम खान, कोषाध्यक्ष वजीर खान, सचिव लईक अहमद सहित शरीफ खान, मुख्तियार खान, वाजिद अली, मोहम्मद शरीफ, आजाद खान कायमखानी, सलीम पठान, नजीर खान, दिलपेश खान, इमरान खान, अयूब खान, शौकत नागौरी व अन्य सदस्यों ने व्यवस्थाएं संभाली।

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