Thursday, May 14, 2026

National

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श्रीकृष्ण की नगरी पहुंचे नागालैंड के राज्यपाल,नंद किशोर यादव ने किए द्वारकाधीश और जन्मस्थान के दर्शन

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

मथुरा। नंद किशोर यादव ने मथुरा पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट एवं श्रीकृष्ण जन्मस्थान में पूजा-अर्चना कर देश में सुख-शांति, अमन और तरक्की की कामना की।

राज्यपाल ने कहा कि मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने दर्शन के दौरान आध्यात्मिक अनुभूति होने की बात कही और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से देश निरंतर प्रगति कर रहा है।

उन्होंने मथुरा में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को लाभ मिल रहा है। साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि एकता और संस्कृति भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

इसके बाद राज्यपाल पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के अतिथि गृह पहुंचे, जहां कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कुलपति ने नागालैंड एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र से राज्यपाल के लंबे जुड़ाव और योगदान की जानकारी दी।

बैठक में ग्रामीण विकास, पशुपालन और अनुसंधान से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास तथा किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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श्रीकृष्ण की नगरी पहुंचे नागालैंड के राज्यपाल,नंद किशोर यादव ने किए द्वारकाधीश और जन्मस्थान के दर्शन

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

मथुरा। नंद किशोर यादव ने मथुरा पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की नगरी के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। उन्होंने द्वारकाधीश मंदिर, विश्राम घाट एवं श्रीकृष्ण जन्मस्थान में पूजा-अर्चना कर देश में सुख-शांति, अमन और तरक्की की कामना की।

राज्यपाल ने कहा कि मथुरा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान पूरे देश को जोड़ने का कार्य करती है। उन्होंने दर्शन के दौरान आध्यात्मिक अनुभूति होने की बात कही और कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से देश निरंतर प्रगति कर रहा है।

उन्होंने मथुरा में चल रहे विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों के संरक्षण और सुविधाओं के विस्तार से श्रद्धालुओं को लाभ मिल रहा है। साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि एकता और संस्कृति भारत की सबसे बड़ी शक्ति है।

इसके बाद राज्यपाल पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो-अनुसंधान संस्थान के अतिथि गृह पहुंचे, जहां कुलपति डॉ. अभिजीत मित्रा ने उनका स्वागत किया। इस दौरान कुलपति ने नागालैंड एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र से राज्यपाल के लंबे जुड़ाव और योगदान की जानकारी दी।

बैठक में ग्रामीण विकास, पशुपालन और अनुसंधान से जुड़ी योजनाओं पर चर्चा की गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों के विकास तथा किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

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