Tuesday, May 5, 2026

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परभणी के केसापुरी गांव में किसानों के लिए बड़ा प्रशिक्षण कैंप 

ब्यूरो रिपोर्ट: डॉ. आर. के. अरसुल, बीड

परभणी केसापुरी (बीड), 5 मई 2026।
बीड तालुका के परभणी केसापुरी गांव में यूजी एग्री सीड्स कंपनी के माध्यम से किसानों के लिए फसल बुवाई संबंधी मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह 7 बजे से 11 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

शिविर में कंपनी के प्रतिनिधियों ने किसानों को कपास और बाजरा की बुवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसमें बीज बोने का सही समय, जमीन की जुताई की विधि, बुवाई की तकनीक और बुवाई के बाद निराई-गुड़ाई कब और कैसे करनी चाहिए, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी के नियमित कृषि कार्यक्रमों के अनुसार मार्गदर्शन भी दिया गया।

इस अवसर पर बीड जिले से आए पांच प्रतिनिधियों ने गांव में विभिन्न स्थानों पर जाकर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया और उन्हें मौके पर ही कपास एवं बाजरा की खेती से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी।

गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए एक बड़ा मंडप तैयार किया गया था, जहां बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। मंच पर कंपनी के मुख्य प्रतिनिधि श्री गावड़े साहेब, सरपंच महेश शिंदे, नारायण शिंदे, डॉ. आर. के. अरसुल, न्यूज मराठी मुंबई के पत्रकार एवं गांव के अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। शिविर में कुछ किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप इनाम भी वितरित किए गए। किसानों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की।

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परभणी के केसापुरी गांव में किसानों के लिए बड़ा प्रशिक्षण कैंप 

ब्यूरो रिपोर्ट: डॉ. आर. के. अरसुल, बीड

परभणी केसापुरी (बीड), 5 मई 2026।
बीड तालुका के परभणी केसापुरी गांव में यूजी एग्री सीड्स कंपनी के माध्यम से किसानों के लिए फसल बुवाई संबंधी मार्गदर्शन शिविर का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम सुबह 7 बजे से 11 बजे तक आयोजित हुआ, जिसमें 500 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

शिविर में कंपनी के प्रतिनिधियों ने किसानों को कपास और बाजरा की बुवाई के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इसमें बीज बोने का सही समय, जमीन की जुताई की विधि, बुवाई की तकनीक और बुवाई के बाद निराई-गुड़ाई कब और कैसे करनी चाहिए, जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही किसानों को उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनी के नियमित कृषि कार्यक्रमों के अनुसार मार्गदर्शन भी दिया गया।

इस अवसर पर बीड जिले से आए पांच प्रतिनिधियों ने गांव में विभिन्न स्थानों पर जाकर किसानों के खेतों का निरीक्षण किया और उन्हें मौके पर ही कपास एवं बाजरा की खेती से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी।

गांव में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए एक बड़ा मंडप तैयार किया गया था, जहां बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। मंच पर कंपनी के मुख्य प्रतिनिधि श्री गावड़े साहेब, सरपंच महेश शिंदे, नारायण शिंदे, डॉ. आर. के. अरसुल, न्यूज मराठी मुंबई के पत्रकार एवं गांव के अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान उत्साहपूर्ण माहौल देखने को मिला। शिविर में कुछ किसानों को प्रोत्साहन स्वरूप इनाम भी वितरित किए गए। किसानों ने इस प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन की सराहना की।

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