ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक
आमेट/शाहपुरा। नगर के श्री हीरालाल देवपुरा राजकीय महाविद्यालय में उस समय खुशी की लहर दौड़ गई, जब महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कैलाश चन्द्र खटीक ने हिंदी विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की। उनकी इस उपलब्धि पर महाविद्यालय परिवार सहित पूरे क्षेत्र में हर्ष और गौरव का वातावरण बन गया।
डॉ. खटीक का शोध विषय “मन्नू भंडारी के कथा साहित्य में मध्यवर्गीय महिला का सामाजिक एवं पारिवारिक संघर्ष : एक अध्ययन” रहा। अपने शोध में उन्होंने प्रसिद्ध हिंदी साहित्यकार मन्नू भंडारी के साहित्य के माध्यम से समाज में महिलाओं के संघर्ष को गहराई से प्रस्तुत किया है। यह शोध साहित्यिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महाविद्यालय परिसर में स्टाफ एवं विद्यार्थियों द्वारा डॉ. खटीक का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य सहित समस्त स्टाफ ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सहकर्मियों ने कहा कि यह उपलब्धि न केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि महाविद्यालय के लिए भी गर्व का विषय है।
विद्यार्थियों में भी इस उपलब्धि को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। उन्होंने अपने प्रिय शिक्षक को बधाई देते हुए कहा कि डॉ. खटीक का संघर्ष और समर्पण उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता है।
नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक संगठनों एवं स्थानीय निवासियों ने भी डॉ. खटीक को शुभकामनाएं प्रेषित कीं। नगरवासियों ने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताते हुए कहा कि इस प्रकार की सफलताएं युवाओं को शिक्षा के प्रति जागरूक और प्रेरित करती हैं।
डॉ. कैलाश चन्द्र खटीक ने इस अवसर पर सभी का आभार व्यक्त करते हुए अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय माता-पिता, बड़े भाइयों, परिवारजनों, मित्रों, महाविद्यालय परिवार एवं विद्यार्थियों को दिया।
इस मौके पर प्राचार्य रामकेश मीना, राजकुमार वर्मा, नरेन्द्र सिंह तंवर, भरत सिंह राव, लाल सिंह पंवार, अशरफ रंगसाज सहित स्टाफ सदस्य मौजूद रहे और उन्होंने डॉ. खटीक को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।




