Wednesday, April 29, 2026

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शाहपुरा फिर से जिला बनाने की मांग तेज: 11वां ज्ञापन सौंपा, आंदोलन हुआ और मुखर 

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा। शाहपुरा को पुनः जिले का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जिला बहाल करो संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन को एक वर्ष चार माह बीत जाने के बाद भी समिति और आमजन अपने मांग पर अडिग हैं।

संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि 28 अप्रैल को ब्लैक डे के रूप में मनाते हुए प्रातः 10:15 बजे उपखंड कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति सदस्यों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने “शाहपुरा जिला बहाल करो” के नारे लगाए और अपनी मांग को दोहराया।

समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा एवं संयोजक रामप्रसाद जाट के नेतृत्व में मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम ग्यारहवां ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में सरकार को पूर्व में किए गए वादे की याद दिलाते हुए शाहपुरा को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई।

समिति ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से हर माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 अप्रैल को शाहपुरा के विभिन्न न्यायालयों में अभिभाषक संस्था द्वारा कार्य स्थगन कर न्यायिक कार्यों का बहिष्कार भी किया गया।

अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने कहा कि करीब ग्यारह माह पूर्व जयपुर में मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता में सकारात्मक आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे आमजन में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शाहपुरा को पुनः जिला नहीं बनाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने भी स्पष्ट किया कि समिति जनता से किए गए वादों के प्रति प्रतिबद्ध है।

प्रदर्शन के दौरान सहसंयोजक सूर्यप्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक, हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, राजेन्द्र पाण्डे, अजय मेहता, रामेश्वर लाल सोलंकी, उदय लाल बेरवा, प्रवीण पारीक, नूर मोहम्मद रंगरेज सहित अनेक सदस्य, अधिवक्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

International

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शाहपुरा फिर से जिला बनाने की मांग तेज: 11वां ज्ञापन सौंपा, आंदोलन हुआ और मुखर 

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक

शाहपुरा। शाहपुरा को पुनः जिले का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जिला बहाल करो संघर्ष समिति का आंदोलन लगातार जारी है। आंदोलन को एक वर्ष चार माह बीत जाने के बाद भी समिति और आमजन अपने मांग पर अडिग हैं।

संघर्ष समिति के महासचिव एडवोकेट कमलेश मुंडेतिया ने बताया कि 28 अप्रैल को ब्लैक डे के रूप में मनाते हुए प्रातः 10:15 बजे उपखंड कार्यालय के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति सदस्यों, अधिवक्ताओं और आम नागरिकों ने “शाहपुरा जिला बहाल करो” के नारे लगाए और अपनी मांग को दोहराया।

समिति अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा एवं संयोजक रामप्रसाद जाट के नेतृत्व में मुख्यमंत्री, राजस्थान सरकार के नाम ग्यारहवां ज्ञापन उपखंड अधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में सरकार को पूर्व में किए गए वादे की याद दिलाते हुए शाहपुरा को पुनः जिला घोषित करने की मांग की गई।

समिति ने बताया कि 28 दिसंबर 2024 को शाहपुरा का जिला दर्जा समाप्त किए जाने के बाद से हर माह की 28 तारीख को ब्लैक डे मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 28 अप्रैल को शाहपुरा के विभिन्न न्यायालयों में अभिभाषक संस्था द्वारा कार्य स्थगन कर न्यायिक कार्यों का बहिष्कार भी किया गया।

अध्यक्ष दुर्गा लाल राजोरा ने कहा कि करीब ग्यारह माह पूर्व जयपुर में मुख्यमंत्री के साथ हुई वार्ता में सकारात्मक आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे आमजन में आक्रोश बढ़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक शाहपुरा को पुनः जिला नहीं बनाया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।

संयोजक रामप्रसाद जाट ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। महासचिव कमलेश मुंडेतिया ने भी स्पष्ट किया कि समिति जनता से किए गए वादों के प्रति प्रतिबद्ध है।

प्रदर्शन के दौरान सहसंयोजक सूर्यप्रकाश ओझा, संरक्षक सत्यनारायण पाठक, हाजी उस्मान मोहम्मद छिपा, राजेन्द्र पाण्डे, अजय मेहता, रामेश्वर लाल सोलंकी, उदय लाल बेरवा, प्रवीण पारीक, नूर मोहम्मद रंगरेज सहित अनेक सदस्य, अधिवक्ता एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

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