ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं, 16 अप्रैल। अक्षय तृतीया जैसे संवेदनशील अवसर पर बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक कावेन्द्र सिंह सागर ने गुरुवार को अपने कार्यालय में बाल विवाह रोकथाम से संबंधित जागरूकता पोस्टर का विमोचन किया।
यह पहल राजस्थान महिला कल्याण मंडल एवं बाल अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में की गई। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने आमजन से अपील की कि किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को दें और इस कुप्रथा के उन्मूलन में सहयोग करें।
इस अवसर पर अरविंद ओला (सहायक निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग) ने कहा कि बाल विवाह बच्चों के भविष्य को अंधकारमय बना देता है, इसे रोकना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वहीं चेतना शर्मा (जिला समन्वयक, राजस्थान महिला कल्याण मंडल) ने बताया कि संस्था जमीनी स्तर पर लगातार जागरूकता अभियान चला रही है।
कार्यक्रम में बाल अधिकारिता विभाग से विकास, मनोज तथा राजस्थान महिला कल्याण मंडल से टीना चौरसिया, अदिति मीणा और मनोज कुमार सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।




