Friday, May 8, 2026

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झुंझुनूं के 283 अस्पतालों में फायर मॉक ड्रिल! मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 7 मई। जिलेभर में गुरुवार को फायर सेफ्टी वीक के तहत व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 175 सरकारी एवं 108 निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा अभ्यास कर स्वास्थ्यकर्मियों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार एवं चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना है।

मॉक ड्रिल के दौरान अस्पतालों में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें स्टाफ को अलर्ट जारी करने, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय करने तथा अग्निशमन यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसरों में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया।

अभ्यास में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कई अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने भी मौजूद रहकर आग बुझाने के आधुनिक तरीकों और प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा अस्पतालों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अभ्यास कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करते हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक साबित होते हैं।

उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कराने और सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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झुंझुनूं के 283 अस्पतालों में फायर मॉक ड्रिल! मरीजों की सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं, 7 मई। जिलेभर में गुरुवार को फायर सेफ्टी वीक के तहत व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभियान के अंतर्गत जिले के 175 सरकारी एवं 108 निजी अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा अभ्यास कर स्वास्थ्यकर्मियों को आपदा प्रबंधन के लिए प्रशिक्षित किया गया।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने बताया कि राज्य सरकार एवं चिकित्सा विभाग के निर्देशानुसार आयोजित इस अभियान का उद्देश्य अस्पतालों में आग जैसी आपातकालीन परिस्थितियों से प्रभावी तरीके से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करना है।

मॉक ड्रिल के दौरान अस्पतालों में आग लगने की काल्पनिक स्थिति तैयार की गई, जिसमें स्टाफ को अलर्ट जारी करने, मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने, फायर अलार्म सिस्टम सक्रिय करने तथा अग्निशमन यंत्रों के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही अस्पताल परिसरों में लगे फायर सेफ्टी उपकरणों, आपातकालीन निकास मार्गों एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्थाओं का निरीक्षण भी किया गया।

अभ्यास में चिकित्सा अधिकारियों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों एवं अन्य कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कई अस्पतालों में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने भी मौजूद रहकर आग बुझाने के आधुनिक तरीकों और प्राथमिक सुरक्षा उपायों की जानकारी दी।

सीएमएचओ डॉ. छोटेलाल गुर्जर ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा अस्पतालों की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे अभ्यास कर्मचारियों की आपदा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करते हैं तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और संगठित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने में सहायक साबित होते हैं।

उन्होंने सभी चिकित्सा संस्थानों को नियमित रूप से फायर सेफ्टी उपकरणों की जांच कराने और सुरक्षा मानकों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

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