Wednesday, May 13, 2026

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आबूरोड नगर पालिका पर सियासी घमासान: “सरकारी दफ्तर बन रहा भाजपा कार्यालय” का आरोप

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

सिरोही/आबूरोड। नगर पालिका आबूरोड को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों ने निदेशक स्वायत्त शासन विभाग जयपुर और जिला कलक्टर सिरोही को ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका कार्यालय के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचित बोर्ड की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त होने के बाद राजनीतिक प्रभाव से नए अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति हुई। इसके बाद से Bharatiya Janata Party के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिनभर नगर पालिका कार्यालय में मौजूद रहते हैं और अधिशासी अधिकारी के कक्ष में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इससे आमजन को अपने कार्यों में बाधा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस पक्ष का आरोप है कि बिना किसी आधिकारिक कार्य के कार्यालय में घंटों बैठे रहने से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि टेंडर प्रक्रियाओं में भी हस्तक्षेप की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, पार्टी के भीतर कथित गुटबाजी के चलते अधिकारी को लेकर दबाव की स्थिति भी बनी हुई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर पालिका कार्यालय अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा कार्यालय में तब्दील होता नजर आ रहा है, जिससे आमजन में आक्रोश और कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कांग्रेस ने पिछले 2–3 महीनों के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित लोग कार्यालय में किस उद्देश्य से और कितनी देर तक मौजूद रहते हैं।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और सरकारी कार्यालय को राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

International

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आबूरोड नगर पालिका पर सियासी घमासान: “सरकारी दफ्तर बन रहा भाजपा कार्यालय” का आरोप

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

सिरोही/आबूरोड। नगर पालिका आबूरोड को लेकर राजनीतिक विवाद गहराता जा रहा है। जिला कांग्रेस कमेटी से जुड़े पदाधिकारियों ने निदेशक स्वायत्त शासन विभाग जयपुर और जिला कलक्टर सिरोही को ज्ञापन सौंपकर नगर पालिका कार्यालय के दुरुपयोग का आरोप लगाया है।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि निर्वाचित बोर्ड की अवधि दिसंबर 2025 में समाप्त होने के बाद राजनीतिक प्रभाव से नए अधिशासी अधिकारी की नियुक्ति हुई। इसके बाद से Bharatiya Janata Party के कुछ पदाधिकारी और कार्यकर्ता दिनभर नगर पालिका कार्यालय में मौजूद रहते हैं और अधिशासी अधिकारी के कक्ष में लंबे समय तक बैठे रहते हैं। इससे आमजन को अपने कार्यों में बाधा और परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस पक्ष का आरोप है कि बिना किसी आधिकारिक कार्य के कार्यालय में घंटों बैठे रहने से न केवल प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं, बल्कि टेंडर प्रक्रियाओं में भी हस्तक्षेप की आशंका जताई जा रही है। साथ ही, पार्टी के भीतर कथित गुटबाजी के चलते अधिकारी को लेकर दबाव की स्थिति भी बनी हुई है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि नगर पालिका कार्यालय अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा कार्यालय में तब्दील होता नजर आ रहा है, जिससे आमजन में आक्रोश और कांग्रेस पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं में रोष व्याप्त है।

मामले की निष्पक्ष जांच के लिए कांग्रेस ने पिछले 2–3 महीनों के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर जांच कराने की मांग की है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि संबंधित लोग कार्यालय में किस उद्देश्य से और कितनी देर तक मौजूद रहते हैं।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की गई, तो विरोध प्रदर्शन किया जाएगा और सरकारी कार्यालय को राजनीतिक गतिविधियों से मुक्त कराने के लिए आंदोलन किया जाएगा।

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