ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
केकड़ी (अजमेर)। प्राचीन सिद्धपीठ श्री कालाभाटा महादेव मंदिर, मेवदाकलां में 25 अप्रैल से 3 मई 2026 तक आयोजित भव्य एवं दिव्य धार्मिक महोत्सव श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ जारी है। मंदिर परिसर में दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।
महोत्सव का आयोजन संतों के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। यह दिव्य आयोजन प्राचीन सिद्धपीठ श्री कालाभाटा महादेव के आशीर्वाद तथा परम तपस्वी गुरुदेव श्री श्री 1008 सिद्ध योगीराज श्री देबीनाथ महाराज की कृपा से, गौ-सेवा में समर्पित संत योगीराज श्री हीरानाथ महाराज के सानिध्य में किया जा रहा है।
महोत्सव के अंतर्गत वेदाचार्य पंडित रविशंकर आचार्य (माण्डल) के आचार्यत्व में 13 विद्वान पंडितों द्वारा एक कुण्डीय शतचण्डी महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। यह यज्ञ वैशाख शुक्ल नवमी (25 अप्रैल) से प्रारंभ होकर ज्येष्ठ कृष्ण द्वितीया (3 मई 2026) तक चलेगा।
महोत्सव का प्रमुख आकर्षण ‘कल्पवृक्ष विवाह’ रहा, जो वैशाख शुक्ल पूर्णिमा (1 मई 2026) को अत्यंत भव्यता और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन से प्राप्त 14 रत्नों में से एक कल्पवृक्ष मंदिर परिसर में विराजमान है।
महोत्सव के दौरान प्रतिदिन कथावाचक भागीरथ सारस्वत (सेलू, जिला परभणी, महाराष्ट्र) द्वारा श्रीराम कथा का वाचन किया जा रहा है। वे राष्ट्रसंत स्वामी गोविन्ददेव गिरी महाराज के परम शिष्य हैं, जिनके मुखारविंद से श्रद्धालु धर्म, भक्ति और संस्कारों का संदेश प्राप्त कर रहे हैं।
समापन अवसर 3 मई को यज्ञ की पूर्णाहुति के साथ होगा, जिसमें 251 गांवों की ‘हरि बोल प्रभात’ मंडलियां सामूहिक हरिकीर्तन करेंगी। इसके पश्चात विशाल महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा।
मंदिर प्रवक्ता चन्दू पंडित ने बताया कि आयोजन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से सपरिवार पधारकर इस अलौकिक महोत्सव का लाभ उठाने एवं सहयोग करने की अपील की है।




