ब्यूरो चीफ: विजय द्विवेदी
सरदारपुर। ग्राम बोला मोयाखेड़ा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के चतुर्थ दिवस पर भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। इस दौरान दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा पांडाल भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया।
कथा वाचक पंडित पवन कृष्णा जी शर्मा (ब्रजधाम कुड़ाना, जिला शाहजहांपुर) के मुखारविंद से प्रस्तुत संगीतमय भजनों और भावपूर्ण प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि जीवन में तर्पण से अधिक अर्पण का महत्व है। मनुष्य को अपने जीवन में प्राप्त संसाधनों का कुछ अंश परोपकार में अवश्य लगाना चाहिए, क्योंकि अंततः समाज यही याद रखता है कि व्यक्ति ने समाज को क्या दिया।
उन्होंने कहा कि “घर बड़ा हो या न हो, लेकिन दिल बड़ा होना चाहिए। पहले समय में घर छोटे होते थे, लेकिन लोगों के दिल बहुत बड़े होते थे, जिसमें कई लोग समा जाते थे। आज के आधुनिक युग में मकान तो बड़े हो गए हैं, लेकिन दिल सिकुड़ते जा रहे हैं। हमें घर के साथ-साथ दिल को भी बड़ा करने की आवश्यकता है, तभी हम सच्चे अर्थों में महान बन पाएंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि आज के समय में खजूर के पेड़ की तरह बड़े लोग तो बहुत हैं, लेकिन वे समाज के लिए उतने उपयोगी नहीं हैं।
कथा के दौरान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन अत्यंत भव्यता के साथ किया गया। “नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की” के जयघोष से पूरा पांडाल गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर “आज बिरज में होली रे रसिया” जैसे भजनों पर श्रद्धालुओं ने जमकर नृत्य किया और उत्सव का आनंद लिया।
कार्यक्रम स्थल संत श्री कुंम्बा जी मंदिर प्रांगण में भक्ति, संगीत और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। आयोजन समिति द्वारा व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित किया गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई।
कथा का क्रम आगामी दिनों में भी जारी रहेगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन समिति ने सभी धर्मप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।




