ब्यूरो चीफ: इमरान खान
सिरोही, 9 अप्रैल।
विश्व नवकार दिवस के अवसर पर श्री पावापुरी तीर्थ-जीव मैत्रीधाम में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिकता का अद्भुत माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर 500 श्रमणी गणनायक आचार्य श्री रश्मिरत्नसूरीजी महाराज ने नवकार महामंत्र की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि यह मंत्र सर्वव्यापी एवं सर्वकल्याणकारी है, जिसकी आराधना से जीव भवसागर को पार कर सकता है।
उन्होंने शास्त्रों में वर्णित विभिन्न प्रसंगों का उल्लेख करते हुए बताया कि नवकार महामंत्र केवल आत्मकल्याण ही नहीं, बल्कि समस्त जीवों के कल्याण की भावना से परिपूर्ण है। इसमें अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय एवं सभी साधु-संतों को नमस्कार किया जाता है, जो इसे अत्यंत प्रभावशाली बनाता है।
कार्यक्रम आचार्य श्री कल्परक्षितसूरीजी एवं आचार्य श्री जयेशरत्नसूरीजी की निश्रा में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। आचार्य श्री कल्परक्षितसूरीजी ने अपने उद्बोधन में कहा कि यदि व्यक्ति प्रतिदिन भोजन से पूर्व श्रद्धा भाव से नवकार मंत्र का स्मरण करे, तो उसके जीवन में मंगलमय परिणाम अवश्य प्राप्त होते हैं।
इस अवसर पर पंन्यास श्री जितरत्नविजय, मुनि शीलरक्षितविजय, मुनि भव्यरत्नविजय सहित अनेक साधु-संत एवं मेवाड़ दीपिका साध्वीश्री कीर्तिरेखाश्री, साध्वीश्री विरलरेखाश्री सहित साध्वीवृंद उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गायिका लता मंगेशकर के भजन “नवकार मंत्र है प्यारा, इसने लाखों को तारा” से हुई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके पश्चात आचार्य श्री रश्मिरत्नसूरीश्वर ने आत्मरक्षा, पंच तत्वों की शुद्धि तथा विश्व शांति के लिए संकल्प करवाते हुए नवकार साधना का मार्गदर्शन दिया। श्रद्धालुओं ने सफेद नवकार माला के साथ मौन साधना करते हुए सामूहिक रूप से मंत्र जाप किया।
कार्यक्रम के अंतर्गत पावापुरी गौशाला में बीमार गौवंश को नवकार मंत्र सुनाया गया। जीवदया प्रेमी धर्मचंद (चेन्नई) ने इस अवसर पर 1,01,000 रुपये का सहयोग जीवदया कोष में अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने गौमाता को औषधीय गोग्रास के लड्डू खिलाकर एवं बछड़ों को दूध पिलाकर गौपूजन किया।
अंत में आचार्य भगवंतों ने के.पी. संघवी आर्ट गैलरी का अवलोकन किया तथा वहां प्रदर्शित हस्तनिर्मित चित्रों की सराहना करते हुए उन्हें अद्भुत एवं प्रेरणादायक बताया।




