ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी
सवाई माधोपुर, 9 अप्रैल। जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से जिला कलेक्टर कानाराम ने गुरुवार को खण्डार उपखण्ड क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) खण्डार एवं बहरावंडा खुर्द का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिकित्सा व्यवस्थाओं, दवा उपलब्धता और अस्पताल की साफ-सफाई का गहन जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आमजन को गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खण्डार सीएचसी में निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने मरीजों से सीधे संवाद कर अस्पताल में मिल रही सुविधाओं, उपचार की गुणवत्ता और दवाओं की उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लिया। उन्होंने चिकित्सा अधिकारी डॉ. रघुवीर मीणा को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम को ध्यान में रखते हुए आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने टीबी जांच, एक्स-रे एवं अन्य आवश्यक जांच सेवाओं को नियमित एवं सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए।
जिला कलेक्टर ने टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य विभाग ग्राम स्तर तक पहुंचकर संभावित मरीजों की पहचान और जांच सुनिश्चित करे। उन्होंने मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना का अधिकाधिक लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए मरीजों को आयुष्मान कार्ड साथ लाने हेतु प्रेरित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने पुरुष एवं महिला वार्ड, प्रसव कक्ष, प्रयोगशाला तथा औषधि भंडार का भी निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने, अनुपयोगी एवं नकारा सामग्री का तुरंत निस्तारण करने तथा पूरे परिसर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में स्वच्छता, समय पर उपचार और दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
इससे पूर्व जिला कलेक्टर ने बहरावंडा खुर्द सीएचसी का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ओपीडी काउंटर, दवा वितरण केंद्र, एक्स-रे कक्ष, लैब, महिला वार्ड, इंजेक्शन रूम एवं उजाला क्लीनिक सहित विभिन्न इकाइयों का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को तुरंत सुधारने के निर्देश चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. बाबूलाल मीणा को दिए।
कलेक्टर ने सभी स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने, चिकित्साकर्मियों की समय पर उपस्थिति तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए नियमित निरीक्षण और जवाबदेही तय करना आवश्यक है।
जिला कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया तथा व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की दिशा में तेजी आई है। प्रशासन की इस सख्ती से आमजन को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।




