ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक
मांडलगढ़। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए लगातार नई-नई योजनाएं बनाई जा रही हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ आमजन तक नहीं पहुंच पा रहा है। इसका मुख्य कारण संबंधित विभागों और अधिकारियों की उदासीनता है, जिसके चलते सरकारी आदेश कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं और धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
ऐसी ही गंभीर स्थिति मांडलगढ़ क्षेत्र के होड़ा से नील की खेड़ी वाया खाचरोल और कल्याणपुरा मार्ग पर देखने को मिल रही है। यह डामरीकृत सड़क और गांवों में बनी सीसी सड़कें वर्तमान में खस्ताहाल हो चुकी हैं। खासकर रायसिंहपुरा गांव में हालात बेहद चिंताजनक हैं, जहां राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय तक पहुंचने के लिए विद्यार्थियों और ग्रामीणों को कीचड़ और गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से यह समस्या बनी हुई है, लेकिन इसके समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। विद्यालय जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों को रोजाना कीचड़ में चलकर स्कूल पहुंचना पड़ता है, जिससे उनके स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। शिक्षा के मंदिर तक पहुंचने के लिए इस तरह की परेशानियों का सामना करना ग्रामीण व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।
सड़क की बदहाली के कारण दुपहिया वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के लिए मार्ग पर चलना बेहद मुश्किल हो गया है। जगह-जगह पानी भरने और कीचड़ होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। इसके बावजूद सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सड़क के दोनों ओर बनी नालियों की सफाई और पानी की निकासी की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जहां-जहां पेचवर्क किया गया है, वहां भी गुणवत्ता का अभाव है। परिणामस्वरूप कुछ ही समय में सड़क दोबारा गड्ढों में तब्दील हो गई है। होड़ा से खाचरोल, रायसिंहपुरा और कल्याणपुरा मार्ग को लेकर ग्रामीण कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार द्वारा दीपावली से पूर्व सभी सड़कों के दुरुस्तीकरण और पेचवर्क के आदेश जारी किए गए थे, लेकिन करीब छह माह बीत जाने के बावजूद इन आदेशों का पालन धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। कई अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मार्ग से गुजरने के बावजूद भी समस्या की अनदेखी कर रहे हैं।
ग्रामीणों में इस मुद्दे को लेकर लगातार रोष बढ़ता जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत, नालियों की सफाई और पानी की निकासी की उचित व्यवस्था की जाए, ताकि आमजन को राहत मिल सके। यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीणों द्वारा आंदोलन की चेतावनी भी दी जा रही है।




