Monday, May 11, 2026

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फीस के आगे हार गया गरीब छात्र का सपना | एडमिट कार्ड रुका, बीए की परीक्षा से वंचित हुआ छात्र

ब्यूरो चीफ: विनीत सिंह, सीतापुर

सीतापुर में एक गरीब छात्र का भविष्य फीस की भेंट चढ़ता नजर आया… आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने बकाया फीस के कारण एडमिट कार्ड रोक लिया, जिससे छात्र बीए थर्ड ईयर की परीक्षा नहीं दे सका। मामला सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मामला सीतापुर के खगसिया मऊ स्थित डीपी वर्मा मेमोरियल डिग्री कॉलेज का है, जहां बीए तृतीय वर्ष के छात्र सुभाष ने आरोप लगाया कि ₹15 हजार फीस बकाया होने के कारण उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया।

छात्र सुभाष, जो मिश्रिख क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव का रहने वाला है, का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उसकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। इसी वजह से वह समय पर फीस जमा नहीं कर सका।

मामले की जानकारी मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू कॉलेज पहुंचे और प्रबंधन से बातचीत की। लेकिन आरोप है कि कॉलेज प्रशासन पूरी फीस जमा होने से पहले एडमिट कार्ड देने को तैयार नहीं हुआ।

संयुक्त किसान मोर्चा ने जिलाधिकारी सीतापुर और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्र को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए और फीस जमा करने के लिए समय दिया जाए। साथ ही कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या आर्थिक2 तंगी किसी छात्र की शिक्षा और भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बनती जा रही है?

International

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फीस के आगे हार गया गरीब छात्र का सपना | एडमिट कार्ड रुका, बीए की परीक्षा से वंचित हुआ छात्र

ब्यूरो चीफ: विनीत सिंह, सीतापुर

सीतापुर में एक गरीब छात्र का भविष्य फीस की भेंट चढ़ता नजर आया… आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने बकाया फीस के कारण एडमिट कार्ड रोक लिया, जिससे छात्र बीए थर्ड ईयर की परीक्षा नहीं दे सका। मामला सामने आने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा ने कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

मामला सीतापुर के खगसिया मऊ स्थित डीपी वर्मा मेमोरियल डिग्री कॉलेज का है, जहां बीए तृतीय वर्ष के छात्र सुभाष ने आरोप लगाया कि ₹15 हजार फीस बकाया होने के कारण उसे एडमिट कार्ड नहीं दिया गया।

छात्र सुभाष, जो मिश्रिख क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव का रहने वाला है, का कहना है कि उसकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है और उसकी मां कैंसर से पीड़ित हैं। इसी वजह से वह समय पर फीस जमा नहीं कर सका।

मामले की जानकारी मिलने पर संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक पिंदर सिंह सिद्धू कॉलेज पहुंचे और प्रबंधन से बातचीत की। लेकिन आरोप है कि कॉलेज प्रशासन पूरी फीस जमा होने से पहले एडमिट कार्ड देने को तैयार नहीं हुआ।

संयुक्त किसान मोर्चा ने जिलाधिकारी सीतापुर और उच्च शिक्षा विभाग से मांग की है कि छात्र को परीक्षा में शामिल होने का अवसर दिया जाए और फीस जमा करने के लिए समय दिया जाए। साथ ही कॉलेज में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की भी मांग उठाई गई है।

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या आर्थिक2 तंगी किसी छात्र की शिक्षा और भविष्य के रास्ते में सबसे बड़ी रुकावट बनती जा रही है?

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