ब्यूरो रिपोर्ट: विजय द्विवेदी, धार (मध्य प्रदेश)
चिराखान। समीप स्थित जयन्ती दिव्य धाम पर नव निर्मित पशुपति महादेव मंदिर में गुरुवार को 51 फीट ऊंचे नव निर्मित ध्वज स्तंभ पर विधि-विधान के साथ भगवा ध्वजा फहराई गई। ध्वजारोहण से पूर्व ध्वजा का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा हनुमान चालीसा एवं श्रीराम स्तुति का सामूहिक पाठ किया गया।
उल्लेखनीय है कि इस धार्मिक उत्सव को स्मरणीय बनाने के उद्देश्य से पशुपति महादेव मंदिर परिसर में क्षेत्र का सबसे ऊंचा ध्वज स्तंभ स्थापित किया गया है। इस स्तंभ पर त्याग, बलिदान, शौर्य और सनातन संस्कृति के प्रतीक भगवा ध्वज को फहराया गया। ध्वजारोहण के दौरान श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष लगाए, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में गूंज उठा।
इस अवसर पर मां जयन्ती दिव्य धाम सेवा समिति के अध्यक्ष अनिल पाटीदार (एकरंगा) ने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज, पुण्यश्लोका देवी अहिल्याबाई होल्कर एवं महाराणा प्रताप जैसे शूरवीरों ने सदैव भगवा ध्वज का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के निर्माण में हमारे राष्ट्र नायकों और वीर पुरुषों को भगवा ध्वज से प्रेरणा मिलती रही है। वर्तमान पीढ़ी का भी यह दायित्व है कि वह भगवा ध्वज का सम्मान बढ़ाते हुए भारत को पुनः विश्व गुरु बनाने के लिए कार्य करे।
कार्यक्रम के तहत जयन्ती धाम में भगवान पशुपतिनाथ की प्राण-प्रतिष्ठा एवं 21 कुंडीय महायज्ञ का भव्य आयोजन भी सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर समिति अध्यक्ष अनिल पाटीदार (एकरंगा) ने श्रद्धालुओं की उपस्थिति में आयोजन का संपूर्ण आय-व्यय पारदर्शी तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने महोत्सव में प्राप्त दान-सहयोग तथा कुल खर्च का विस्तृत विवरण सार्वजनिक किया।
इस अवसर पर समिति अध्यक्ष अनिल पाटीदार, पूर्व अध्यक्ष मोतीलाल पाटीदार, परमानंद पाटीदार, रमेशचन्द्र जायसवाल, शिवनारायण जायसवाल, मुन्नालाल पाटीदार, भगवतीप्रसाद मारु, रामेश्वर पाटीदार, सत्यनारायण पाटीदार, महेश जाट, गोविन्द मुकाती, महेश पाटीदार सहित समिति के अनेक सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।




