Friday, May 29, 2026

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पावापुरी तीर्थ में गच्छाधिपति आचार्य अभयदेवसूरीश्वरजी का भव्य मंगल प्रवेश

ब्यूरो चीफ: इमरान खान, आबू रोड

सिरोही, 28 मई 2026।
श्री पावापुरी तीर्थ-जीवमैत्री धाम में गुरुवार प्रातः 7 बजे डेहला समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य श्री अभयदेवसूरीश्वरजी म.सा. एवं उनके शिष्य आचार्य श्री मोक्षरत्नसूरीश्वरजी म.सा. सहित अनेक साधु-साध्वी भगवंतों का मंगल आगमन हुआ। तीर्थ परिसर में उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन एवं श्रावक-श्राविकाओं ने मुख्य द्वार पर अक्षतों से वधामणा कर संतों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात आचार्यदेव ने अपने साधु समुदाय के साथ जिनालय में विराजित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन-वंदन किए।

इस अवसर पर आचार्य श्री अभयदेवसूरीश्वरजी म.सा. ने तीर्थ परिसर का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि के.पी. संघवी परिवार द्वारा जिस लगन, समर्पण एवं श्रद्धा भाव से इस तीर्थ का संचालन किया जा रहा है, वह जैन शासन के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी यह तीर्थ आज भी इतना सुव्यवस्थित एवं सुंदर दिखाई देता है मानो कुछ वर्ष पूर्व ही निर्मित हुआ हो। यहां आने वाले यात्रियों को परिसर की स्वच्छता एवं उत्कृष्ट प्रबंधन विशेष रूप से आकर्षित करता है।

आचार्यश्री ने तीर्थ संस्थापक के.पी. संघवी परिवार को साधुवाद देते हुए उन्हें खूब-खूब आशीर्वाद प्रदान किया। जानकारी के अनुसार आचार्यश्री 29 मई को मीरपुर तीर्थ के लिए विहार करते हुए उदयपुर पहुंचेंगे।

इधर, पावापुरी तीर्थ में गत 15 दिनों से सूरिमंत्र पीठिका की मौन जाप साधना में लीन आचार्य श्री रविरत्नसूरीश्वरजी म.सा. ने भी पूज्य आचार्यश्री को गुरु वंदना अर्पित कर शुभाशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी सूरिमंत्र पीठिका साधना आगामी 7 जून को पूर्ण होगी।

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पावापुरी तीर्थ में गच्छाधिपति आचार्य अभयदेवसूरीश्वरजी का भव्य मंगल प्रवेश

ब्यूरो चीफ: इमरान खान, आबू रोड

सिरोही, 28 मई 2026।
श्री पावापुरी तीर्थ-जीवमैत्री धाम में गुरुवार प्रातः 7 बजे डेहला समुदाय के गच्छाधिपति आचार्य श्री अभयदेवसूरीश्वरजी म.सा. एवं उनके शिष्य आचार्य श्री मोक्षरत्नसूरीश्वरजी म.सा. सहित अनेक साधु-साध्वी भगवंतों का मंगल आगमन हुआ। तीर्थ परिसर में उनके स्वागत के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।

तीर्थ के मैनेजिंग ट्रस्टी महावीर जैन एवं श्रावक-श्राविकाओं ने मुख्य द्वार पर अक्षतों से वधामणा कर संतों का अभिनंदन किया। इसके पश्चात आचार्यदेव ने अपने साधु समुदाय के साथ जिनालय में विराजित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के दर्शन-वंदन किए।

इस अवसर पर आचार्य श्री अभयदेवसूरीश्वरजी म.सा. ने तीर्थ परिसर का अवलोकन कर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि के.पी. संघवी परिवार द्वारा जिस लगन, समर्पण एवं श्रद्धा भाव से इस तीर्थ का संचालन किया जा रहा है, वह जैन शासन के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के बाद भी यह तीर्थ आज भी इतना सुव्यवस्थित एवं सुंदर दिखाई देता है मानो कुछ वर्ष पूर्व ही निर्मित हुआ हो। यहां आने वाले यात्रियों को परिसर की स्वच्छता एवं उत्कृष्ट प्रबंधन विशेष रूप से आकर्षित करता है।

आचार्यश्री ने तीर्थ संस्थापक के.पी. संघवी परिवार को साधुवाद देते हुए उन्हें खूब-खूब आशीर्वाद प्रदान किया। जानकारी के अनुसार आचार्यश्री 29 मई को मीरपुर तीर्थ के लिए विहार करते हुए उदयपुर पहुंचेंगे।

इधर, पावापुरी तीर्थ में गत 15 दिनों से सूरिमंत्र पीठिका की मौन जाप साधना में लीन आचार्य श्री रविरत्नसूरीश्वरजी म.सा. ने भी पूज्य आचार्यश्री को गुरु वंदना अर्पित कर शुभाशीर्वाद प्राप्त किया। उनकी सूरिमंत्र पीठिका साधना आगामी 7 जून को पूर्ण होगी।

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