ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे
गडचिरोली (महाराष्ट्र)।
महाराष्ट्र के गडचिरोली जिला सामान्य अस्पताल में गंभीर एवं कैंसर जैसी बीमारियों के उपचार को लेकर एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। माननीय स्वास्थ्य मंत्री प्रकाश आबिटकर के मार्गदर्शन एवं जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे के नेतृत्व में मेडिकल टीम ने अंडाशय की गांठ (ओवेरियन ट्यूमर) की दो अत्यंत जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न कर मरीजों को नई जिंदगी दी है।
65 वर्षीय महिला की जटिल सर्जरी सफल
जिला अस्पताल में भर्ती 65 वर्षीय महिला के पेट में बड़ी ओवेरियन गांठ होने का पता चला था। मरीज की उम्र और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए यह ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण माना जा रहा था।
डॉ. वर्षा लहाडे के कुशल मार्गदर्शन में सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। इस दौरान डॉ. आकाश, डॉ. शरद एवं डॉ. मानसी ने महत्वपूर्ण सहयोग दिया।
एनेस्थीसिया की जिम्मेदारी डॉ. मित्तल और डॉ. सुकेशिनी ने संभाली। वहीं ऑपरेशन थिएटर इंचार्ज माधुरी गेडाम एवं सिस्टर किरण का भी विशेष योगदान रहा। सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो रहा है।
26 वर्षीय युवती की कैंसरयुक्त गांठ की सफल सर्जरी
दूसरे मामले में ग्रामीण अस्पताल धानोरा से रेफर की गई 26 वर्षीय युवती को तेज पेट दर्द की शिकायत के बाद जिला अस्पताल लाया गया। जांच में उसके दाहिने अंडाशय में बड़ी गांठ पाई गई, जो लगभग 24 सप्ताह की गर्भावस्था जितनी बड़ी थी।
सीटी स्कैन और सोनोग्राफी रिपोर्ट में गांठ के जटिल होने की पुष्टि होने पर मेडिकल टीम ने तत्काल ‘एक्सप्लोरेटरी लैप्रोटोमी’ एवं दाहिना अंडाशय निकालने की सर्जरी सफलतापूर्वक की। इस ऑपरेशन का नेतृत्व डॉ. मयूर दुधे ने किया। टीम में डॉ. कृणाल चेंदकापुरे, सुमेध कांबले, प्रियंका मडावी तथा एनेस्थेटिस्ट डॉ. अंकिता भावते शामिल रहे।
सर्जरी के बाद जांच रिपोर्ट में यह गांठ दुर्लभ प्रकार का कैंसर ‘मिक्स्ड जर्म सेल ट्यूमर’ निकली, जिसमें 90 प्रतिशत हिस्सा ‘योल्क सैक ट्यूमर’ और 10 प्रतिशत ‘एम्ब्रायोनल सेल कार्सिनोमा’ पाया गया। डॉक्टरों की तत्परता के कारण समय रहते कैंसरयुक्त गांठ को पूरी तरह निकालने में सफलता मिली और मरीज की जान बचाई जा सकी।
गरीब मरीजों को मिल रही राहत
जिला सामान्य अस्पताल में कैंसर एवं गंभीर बीमारियों की सर्जरी शुरू होने से गडचिरोली और आसपास के गरीब एवं जरूरतमंद मरीजों को बड़ी राहत मिली है। निजी अस्पतालों में लाखों रुपये खर्च होने वाली ये सर्जरी अब जिला अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में नि:शुल्क और सफलतापूर्वक की जा रही हैं।
इन दोनों सफल सर्जरी के बाद जिला शल्य चिकित्सक डॉ. वर्षा लहाडे सहित पूरी मेडिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ और पैरामेडिकल कर्मचारियों की सराहना की जा रही है।




