ब्यूरो रिपोर्ट
महगोरा गांव में 5 मार्च को हुई मारपीट की घटना को लेकर ओबीसी महासभा ने निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है। संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
जानकारी के अनुसार यह मामला चौरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले महगोरा गांव का है। बताया जा रहा है कि 4 मार्च को गांव में रहने वाले मनोज वर्मा और राजेश ठाकुर व अतुल ठाकुर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था।
बताया गया कि 5 मार्च को जब राजेश ठाकुर और अतुल ठाकुर अपने दोपहिया वाहन से तेज गति से मनोज वर्मा के घर के सामने से गुजर रहे थे, उस समय सड़क पर बच्चे खेल रहे थे। मनोज वर्मा ने उन्हें वाहन धीरे चलाने की समझाइश दी, जिसके बाद विवाद बढ़ गया।
आरोप है कि इसके बाद आरोपी पक्ष ने आसपास के गांवों से लोगों को बुलाकर मनोज वर्मा के साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि मनोज वर्मा को जबरन वाहन में बैठाकर चौरई थाने ले जाया गया और वहां बंद करवा दिया गया। बाद में समाज के लोगों के हस्तक्षेप के बाद उन्हें थाने से छुड़वाया गया। फिलहाल मनोज वर्मा जिला चिकित्सालय में उपचाररत बताए जा रहे हैं।
इस घटना को लेकर ओबीसी महासभा की जिला इकाई ने जिला अध्यक्ष विपिन वर्मा (लोधी) के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। संगठन का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी पक्ष द्वारा पीड़ित और उसके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि मामले में निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर एसटी, एससी और ओबीसी समाज के लोग मिलकर चौरई थाने का घेराव करेंगे।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और समाज के लोग मौजूद रहे।




