Friday, April 24, 2026

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एचपीवी टीकाकरण अभियान 24 अप्रैल से, बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम तेज

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं/खेतड़ी, 21 अप्रैल।
जिले में 24 अप्रैल से शुरू होने वाले एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में खेतड़ी के मेहाडा गुर्जरवास स्थित देव नारायण राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, बीसीएमओ डॉ. हरीश यादव एवं चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र सैनी ने छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टीका गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव में अत्यंत प्रभावी है और समय पर टीकाकरण जीवनरक्षक साबित हो सकता है। छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित जांच कराने और अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

क्या है सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी?
विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो अधिकांश मामलों में हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। भारत में यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन वायरस की प्रमुख प्रजातियों (06, 11, 16, 18) से सुरक्षा प्रदान करती है।

टीकाकरण से जुड़े जरूरी निर्देश
अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण से पहले हल्का नाश्ता करने, आयु प्रमाण (आधार/स्कूल आईडी/अंकतालिका) साथ लाने और निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। जिनके पास प्रमाण नहीं है, उनके लिए अभिभावक का सहमति पत्र मान्य होगा।

किन्हें नहीं लगेगा टीका?
गंभीर बीमारी से ग्रस्त किशोरियां, वैक्सीन से एलर्जी, पहले से टीकाकृत बालिकाएं, गर्भवती महिलाएं तथा निर्धारित आयु वर्ग से बाहर की बालिकाएं इस अभियान के दायरे में नहीं आएंगी।

जिलेभर में जागरूकता और तैयारियों का दौर
चिड़ावा में आयोजित कार्यशाला में बीसीएमओ डॉ. संत कुमार जांगिड़, सीबीईओ उमादत एवं एसीबीईओ सुरेश पायल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रधानाचार्यों ने भाग लेकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
झुंझुनूं शहर के हरकोरी देवी बालिका पीजी महाविद्यालय में आयोजित बैठक में बीसीएमओ डॉ. रेखा कुमारी, सीबीईओ सुनीता यादव एवं बीपीओ कंचन चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की और विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
उदयपुरवाटी में बीसीएमओ डॉ. मुकेश कुमार भूपेश ने बताया कि बाजार में लगभग ₹5000 की यह वैक्सीन सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। एएनएम, आशा और सीएचओ को घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवलगढ़ में एसडीएम कुलदीप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर 14-15 वर्ष की सभी किशोरियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के दायरे में लाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग मिलकर इसे जनआंदोलन का रूप देने में जुटे हैं।

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एचपीवी टीकाकरण अभियान 24 अप्रैल से, बेटियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम तेज

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी

झुंझुनूं/खेतड़ी, 21 अप्रैल।
जिले में 24 अप्रैल से शुरू होने वाले एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अभियान को सफल बनाने के लिए जिलेभर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में खेतड़ी के मेहाडा गुर्जरवास स्थित देव नारायण राजकीय बालिका आवासीय विद्यालय में छात्राओं को जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में आरसीएचओ डॉ. दयानंद सिंह, बीसीएमओ डॉ. हरीश यादव एवं चिकित्सा प्रभारी डॉ. महेंद्र सैनी ने छात्राओं को एचपीवी वैक्सीन के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह टीका गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव में अत्यंत प्रभावी है और समय पर टीकाकरण जीवनरक्षक साबित हो सकता है। छात्राओं को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, नियमित जांच कराने और अभियान में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया गया।

क्या है सर्वाइकल कैंसर और एचपीवी?
विशेषज्ञों के अनुसार सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से (सर्विक्स) में होने वाला कैंसर है, जो अधिकांश मामलों में हाई-रिस्क एचपीवी संक्रमण के कारण होता है। भारत में यह महिलाओं में दूसरा सबसे आम कैंसर माना जाता है। एचपीवी वैक्सीन वायरस की प्रमुख प्रजातियों (06, 11, 16, 18) से सुरक्षा प्रदान करती है।

टीकाकरण से जुड़े जरूरी निर्देश
अभियान के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को टीका लगाया जाएगा। टीकाकरण से पहले हल्का नाश्ता करने, आयु प्रमाण (आधार/स्कूल आईडी/अंकतालिका) साथ लाने और निर्धारित समय पर केंद्र पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। जिनके पास प्रमाण नहीं है, उनके लिए अभिभावक का सहमति पत्र मान्य होगा।

किन्हें नहीं लगेगा टीका?
गंभीर बीमारी से ग्रस्त किशोरियां, वैक्सीन से एलर्जी, पहले से टीकाकृत बालिकाएं, गर्भवती महिलाएं तथा निर्धारित आयु वर्ग से बाहर की बालिकाएं इस अभियान के दायरे में नहीं आएंगी।

जिलेभर में जागरूकता और तैयारियों का दौर
चिड़ावा में आयोजित कार्यशाला में बीसीएमओ डॉ. संत कुमार जांगिड़, सीबीईओ उमादत एवं एसीबीईओ सुरेश पायल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारियों और प्रधानाचार्यों ने भाग लेकर अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया।
झुंझुनूं शहर के हरकोरी देवी बालिका पीजी महाविद्यालय में आयोजित बैठक में बीसीएमओ डॉ. रेखा कुमारी, सीबीईओ सुनीता यादव एवं बीपीओ कंचन चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की और विभागीय समन्वय पर जोर दिया।
उदयपुरवाटी में बीसीएमओ डॉ. मुकेश कुमार भूपेश ने बताया कि बाजार में लगभग ₹5000 की यह वैक्सीन सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। एएनएम, आशा और सीएचओ को घर-घर जाकर जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए हैं।
नवलगढ़ में एसडीएम कुलदीप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर 14-15 वर्ष की सभी किशोरियों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

अभियान का उद्देश्य
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक किशोरियों को एचपीवी वैक्सीन के दायरे में लाकर भविष्य में सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा प्रदान करना है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग मिलकर इसे जनआंदोलन का रूप देने में जुटे हैं।

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