Saturday, May 30, 2026

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दलित आदिवासी समाज पर अत्याचार के खिलाफ फूटा गुस्सा, रायपुर में संगठनों ने खोला मोर्चा

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

रायपुर (भीलवाड़ा)। दलित, आदिवासी एवं घुमंतू समाज पर हो रहे अत्याचार, सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की घटनाओं के विरोध में रायपुर क्षेत्र में समाजजनों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश और प्रदेश के कई हिस्सों में समाज के लोगों को अपमान, भेदभाव और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि कई स्थानों पर दलित एवं आदिवासी समाज के लोगों को घोड़ी पर बैठकर बंदोली निकालने से रोका जाता है, मंदिरों में प्रवेश नहीं दिया जाता तथा मनरेगा स्थलों और विद्यालयों में भी छुआछूत जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसे सामाजिक समानता और संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया।

समाजजनों ने आरोप लगाया कि जब भी दलित, आदिवासी एवं घुमंतू समाज पर अन्याय और अत्याचार होता है, तब बड़े राजनीतिक दल एवं स्वयंभू हिंदू संगठन मौन धारण कर लेते हैं। जबकि चुनाव के समय यही लोग समाज को धर्म और भावनाओं के नाम पर जोड़कर वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित समाज के साथ संघर्ष की घड़ी में बहुत कम लोग खड़े दिखाई देते हैं, जबकि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई केवल सामाजिक संगठन लगातार लड़ रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर द्वारा आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन एवं कानूनी माध्यमों से समाज की आवाज उठाई जा रही है।

सभा में 26 मई 2026 को गंगापुर क्षेत्र में किशन लाल खटीक की संदिग्ध हत्या के विरोध में किए गए धरना-प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया। समाजजनों ने निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मामले में किसी बड़े राजनीतिक दल का जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के समर्थन में नहीं पहुंचा।

सभा में समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष की ताकत को समझने तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर चलने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ सकता है।

कार्यक्रम में ज्ञानचंद खटीक अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर, आम चौरासी मेवाड़ मदारिया खटीक समाज के पदाधिकारी, चौखला अध्यक्ष रोशनलाल बोलीवाल, रायमल भील करेडा, राजू भील कोशिथल, पवन सालवी पालरा, भवानीराम बेरवा पूर्व प्रधान पंचायत समिति रायपुर, राजकुमार रेगर, निलेश रेगर बोराणा, मुकेश सालवी, भंवर नट केमुणिया, रोशन बागरिया, विक्रम सपेरा कोट सहित कई समाजजन मौजूद रहे।

सभा के अंत में सामाजिक एकता, संवैधानिक अधिकारों एवं न्याय की लड़ाई में प्रत्येक व्यक्ति से सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया गया।

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दलित आदिवासी समाज पर अत्याचार के खिलाफ फूटा गुस्सा, रायपुर में संगठनों ने खोला मोर्चा

ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा

रायपुर (भीलवाड़ा)। दलित, आदिवासी एवं घुमंतू समाज पर हो रहे अत्याचार, सामाजिक भेदभाव और छुआछूत की घटनाओं के विरोध में रायपुर क्षेत्र में समाजजनों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। वक्ताओं ने कहा कि आज भी देश और प्रदेश के कई हिस्सों में समाज के लोगों को अपमान, भेदभाव और अन्याय का सामना करना पड़ रहा है।

सभा में वक्ताओं ने कहा कि कई स्थानों पर दलित एवं आदिवासी समाज के लोगों को घोड़ी पर बैठकर बंदोली निकालने से रोका जाता है, मंदिरों में प्रवेश नहीं दिया जाता तथा मनरेगा स्थलों और विद्यालयों में भी छुआछूत जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं। इसे सामाजिक समानता और संविधान की भावना के खिलाफ बताया गया।

समाजजनों ने आरोप लगाया कि जब भी दलित, आदिवासी एवं घुमंतू समाज पर अन्याय और अत्याचार होता है, तब बड़े राजनीतिक दल एवं स्वयंभू हिंदू संगठन मौन धारण कर लेते हैं। जबकि चुनाव के समय यही लोग समाज को धर्म और भावनाओं के नाम पर जोड़कर वोट बैंक की राजनीति करते हैं।

वक्ताओं ने कहा कि पीड़ित समाज के साथ संघर्ष की घड़ी में बहुत कम लोग खड़े दिखाई देते हैं, जबकि सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई केवल सामाजिक संगठन लगातार लड़ रहे हैं। डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर द्वारा आंदोलन, धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन एवं कानूनी माध्यमों से समाज की आवाज उठाई जा रही है।

सभा में 26 मई 2026 को गंगापुर क्षेत्र में किशन लाल खटीक की संदिग्ध हत्या के विरोध में किए गए धरना-प्रदर्शन का भी उल्लेख किया गया। समाजजनों ने निष्पक्ष जांच एवं दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग दोहराते हुए कहा कि इस मामले में किसी बड़े राजनीतिक दल का जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के समर्थन में नहीं पहुंचा।

सभा में समाज को शिक्षा, संगठन और संघर्ष की ताकत को समझने तथा बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों पर चलने का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने कहा कि संगठित समाज ही अपने अधिकारों, सम्मान और न्याय की लड़ाई मजबूती से लड़ सकता है।

कार्यक्रम में ज्ञानचंद खटीक अध्यक्ष डॉ. भीमराव अंबेडकर युवा संगठन संस्था रायपुर, आम चौरासी मेवाड़ मदारिया खटीक समाज के पदाधिकारी, चौखला अध्यक्ष रोशनलाल बोलीवाल, रायमल भील करेडा, राजू भील कोशिथल, पवन सालवी पालरा, भवानीराम बेरवा पूर्व प्रधान पंचायत समिति रायपुर, राजकुमार रेगर, निलेश रेगर बोराणा, मुकेश सालवी, भंवर नट केमुणिया, रोशन बागरिया, विक्रम सपेरा कोट सहित कई समाजजन मौजूद रहे।

सभा के अंत में सामाजिक एकता, संवैधानिक अधिकारों एवं न्याय की लड़ाई में प्रत्येक व्यक्ति से सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया गया।

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