ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
आसींद। क्षेत्र के प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल बैकुंठ धाम बरनाघर में आयोजित सात दिवसीय 51 कुंडीय विष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का महापूर्णाहुति के साथ भव्य समापन हुआ। आयोजन का मुख्य आकर्षण हेलीकॉप्टर से की गई पुष्पवर्षा रही, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
महायज्ञ आचार्य गोपाल शास्त्री के सानिध्य में संपन्न हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मुख्य यजमानों एवं श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंडों में आहुतियां देकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंदिर के भव्य शिखर पर विधि-विधान से कलश स्थापना भी की गई। मंदिर शिखर कलश की बोली 26 लाख रुपये में पोखरमल कोली द्वारा लगाई गई।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पहुंचे प्रहलाद गुंजल ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि “शिक्षा और संगठन ही प्रगति का आधार है।” उन्होंने सामाजिक सुधार के लिए शिक्षा और एकजुटता को आवश्यक बताया। साथ ही कहा कि “नर सेवा ही नारायण सेवा” है और हर जरूरतमंद व्यक्ति की सेवा करना समाज का दायित्व है।
उन्होंने लोकतंत्र और आस्था पर अपने विचार रखते हुए कहा कि संविधान के अनुसार जनता और शासन दोनों समान हैं। उन्होंने भगवान देवनारायण को सर्व समाज का आराध्य बताते हुए आसींद क्षेत्र को ‘देवभूमि’ की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि सवाई भोज, मालासेरी डूंगरी, गढ़ गोठा, बरनागर बैकुंठ धाम और तांबेसर की बावड़ी जैसे पंच तीर्थ इस क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए हुए हैं।
महोत्सव में सुरेश दास महाराज, महेंद्र पुरी महाराज, लक्ष्मण दास महाराज, चिड़िया दास महाराज एवं नारायण दास महाराज का आशीर्वाद प्राप्त हुआ। कथावाचक अनमोल श्री गुर्जर ने श्रीमद्भागवत कथा के प्रसंगों से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम में दामोदर अग्रवाल, देवीलाल साहू, तेजवीर सिंह चुंडावत सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
समापन अवसर पर यज्ञ समिति द्वारा मंदिर शिखर कलश, पुष्पवर्षा एवं आरती के प्रमुख भामाशाहों का सम्मान किया गया। आयोजन को सफल बनाने में मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष कुंपाराम गुर्जर, कोषाध्यक्ष मेवाराम, सचिव पारसमल गुर्जर सहित समिति के सभी सदस्यों एवं कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।




