Sunday, April 19, 2026

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अक्षय तृतीया पर ‘अन्न दान महादान’ का संदेश, इंडियन ऑयल अधिकारी ने पेश की मिसाल

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबू रोड। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, आबू रोड के अधिकारी भंवर चौहान ने ‘अन्न दान महादान’ का संदेश देते हुए समाज सेवा की प्रेरणादायक पहल की। इस दौरान जरूरतमंद लोगों को भोजन सामग्री वितरित कर मानवता की उत्कृष्ट मिसाल पेश की गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व भंवर चौहान ने स्वयं किया और पूरे आयोजन को समर्पित भाव से संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री वितरित की गई, जिससे उनके चेहरों पर संतोष और खुशी देखने को मिली।

भंवर चौहान ने कहा कि अन्नदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आत्मिक संतोष देने वाला सर्वोत्तम कार्य है। भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य है, जिससे न केवल उसकी भूख मिटती है बल्कि दिल से निकली दुआएं भी मिलती हैं, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में अन्नदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा समाज में करुणा, सहयोग और संतुलन बनाए रखने का माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार अन्नदान का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन सेवा, संवेदना और सामाजिक एकजुटता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

International

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अक्षय तृतीया पर ‘अन्न दान महादान’ का संदेश, इंडियन ऑयल अधिकारी ने पेश की मिसाल

ब्यूरो चीफ: इमरान खान

आबू रोड। अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, आबू रोड के अधिकारी भंवर चौहान ने ‘अन्न दान महादान’ का संदेश देते हुए समाज सेवा की प्रेरणादायक पहल की। इस दौरान जरूरतमंद लोगों को भोजन सामग्री वितरित कर मानवता की उत्कृष्ट मिसाल पेश की गई।

कार्यक्रम का नेतृत्व भंवर चौहान ने स्वयं किया और पूरे आयोजन को समर्पित भाव से संपन्न कराया। इस दौरान बड़ी संख्या में जरूरतमंद लोगों को खाद्य सामग्री वितरित की गई, जिससे उनके चेहरों पर संतोष और खुशी देखने को मिली।

भंवर चौहान ने कहा कि अन्नदान केवल सामाजिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आत्मिक संतोष देने वाला सर्वोत्तम कार्य है। भूखे को भोजन कराना सबसे बड़ा पुण्य है, जिससे न केवल उसकी भूख मिटती है बल्कि दिल से निकली दुआएं भी मिलती हैं, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती हैं।

उन्होंने भारतीय संस्कृति में अन्नदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह परंपरा समाज में करुणा, सहयोग और संतुलन बनाए रखने का माध्यम है। उन्होंने सभी लोगों से अपनी क्षमता के अनुसार अन्नदान का संकल्प लेने का आह्वान किया, ताकि समाज में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। यह आयोजन सेवा, संवेदना और सामाजिक एकजुटता का सशक्त उदाहरण बनकर उभरा।

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