Thursday, April 16, 2026

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खण्डार के प्राचीन बद्रीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का बड़ा फैसला, विकास समिति का गठन

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

खण्डार। शहर स्थित प्राचीन श्री बद्रीनाथ जी मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास को लेकर स्थानीय नागरिकों ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदिर निर्माण एवं विकास समिति का गठन किया है। यह मंदिर क्षेत्र का एकमात्र भगवान बद्रीनाथ का मंदिर है, जिसके कपाट वर्ष में केवल एक बार अक्षय तृतीया के अवसर पर खोले जाते हैं। इस दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

समय के साथ मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है और यह खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। ऐसे में शहरवासियों ने इसके जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाते हुए संगठित प्रयास शुरू किए हैं।

गठित समिति में कमलेश मिश्रा को अध्यक्ष, रमेश चंद्र गुर्जर को उपाध्यक्ष, मुकेश विजय को कोषाध्यक्ष एवं अनिल वैष्णव को संरक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, राजीव वैष्णव को समिति का महामंत्री बनाया गया है।

समिति ने निर्णय लिया है कि 19 अप्रैल को आखातीज (अक्षय तृतीया) के अवसर पर भगवान बद्री विशाल के वार्षिक दर्शनों के साथ ही जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों को मंदिर जीर्णोद्धार कार्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा समिति में ओम प्रकाश सेन, गोविंद मथुरिया, बिरजू मथुरिया, मनोज शर्मा, महेश दाधीच, दिनेश (सेक्रेटरी), कमलेश पाठक, मनोहर गोपाल मंगल, ओमप्रकाश कहार, ललित शर्मा, अरुणेश उपाध्याय, योगेश प्रजापत, बजरंगलाल प्रजापत और मानवेंद्र अकोदिया सहित कई लोगों को सदस्य बनाया गया है।

समिति का उद्देश्य मंदिर के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों को गति देना है। इस अवसर पर कस्बे के अनेक नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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खण्डार के प्राचीन बद्रीनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार का बड़ा फैसला, विकास समिति का गठन

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

खण्डार। शहर स्थित प्राचीन श्री बद्रीनाथ जी मंदिर के जीर्णोद्धार और विकास को लेकर स्थानीय नागरिकों ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मंदिर निर्माण एवं विकास समिति का गठन किया है। यह मंदिर क्षेत्र का एकमात्र भगवान बद्रीनाथ का मंदिर है, जिसके कपाट वर्ष में केवल एक बार अक्षय तृतीया के अवसर पर खोले जाते हैं। इस दिन हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

समय के साथ मंदिर की स्थिति अत्यंत जर्जर हो गई है और यह खंडहर में तब्दील होता जा रहा है। ऐसे में शहरवासियों ने इसके जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाते हुए संगठित प्रयास शुरू किए हैं।

गठित समिति में कमलेश मिश्रा को अध्यक्ष, रमेश चंद्र गुर्जर को उपाध्यक्ष, मुकेश विजय को कोषाध्यक्ष एवं अनिल वैष्णव को संरक्षक नियुक्त किया गया है। वहीं, राजीव वैष्णव को समिति का महामंत्री बनाया गया है।

समिति ने निर्णय लिया है कि 19 अप्रैल को आखातीज (अक्षय तृतीया) के अवसर पर भगवान बद्री विशाल के वार्षिक दर्शनों के साथ ही जनसंपर्क अभियान शुरू किया जाएगा, जिसमें अधिक से अधिक लोगों को मंदिर जीर्णोद्धार कार्य से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

इसके अलावा समिति में ओम प्रकाश सेन, गोविंद मथुरिया, बिरजू मथुरिया, मनोज शर्मा, महेश दाधीच, दिनेश (सेक्रेटरी), कमलेश पाठक, मनोहर गोपाल मंगल, ओमप्रकाश कहार, ललित शर्मा, अरुणेश उपाध्याय, योगेश प्रजापत, बजरंगलाल प्रजापत और मानवेंद्र अकोदिया सहित कई लोगों को सदस्य बनाया गया है।

समिति का उद्देश्य मंदिर के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण एवं अन्य विकास कार्यों को गति देना है। इस अवसर पर कस्बे के अनेक नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने इस पुनीत कार्य में सहयोग देने का संकल्प लिया।

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