ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर शाहपुरा में महिला श्रमिकों के साथ एक जागरूकता एवं संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना के तहत संचालित सामुदायिक जागरूकता एवं जनसहभागिता कार्यक्रम (सीएपीपी) इकाई द्वारा रेगर बस्ती में आयोजित किया गया, जिसमें करीब 30 महिला श्रमिकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का उद्देश्य श्रमिकों में उनके अधिकारों, कर्तव्यों एवं सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा। इस दौरान सीएपीपी इकाई के सहायक सामाजिक विकास एवं जेंडर स्पॉट अधिकारी महेंद्र सिंह राणावत ने श्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रमिकों के अधिकारों, कार्यस्थल पर सुरक्षा, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, शिक्षा के महत्व, मौसमी बीमारियों से बचाव एवं व्यक्तिगत व सामूहिक स्वास्थ्य के विषय में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि किसी भी विकास कार्य में श्रमिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है और सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाकर वे अपने जीवन स्तर में सुधार कर सकते हैं।
इस अवसर पर नगर पालिका के स्वच्छ भारत मिशन के इंजीनियर प्रहलाद गुलपारिया ने स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 के संदर्भ में सिटीजन फीडबैक के महत्व पर जानकारी दी और अधिक से अधिक नागरिकों से इसमें भागीदारी करने का आह्वान किया, ताकि शहर को बेहतर रैंक प्राप्त हो सके।
कार्यक्रम में मोहम्मद मोहीन मंसूरी का विशेष सहयोग रहा। बस्ती की महिला श्रमिकों ने सक्रिय भागीदारी निभाते हुए अपने अनुभव साझा किए और कार्यक्रम को सफल बनाया।




