ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं
झुंझुनूं, 30 मई। “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान के तहत शनिवार को चिड़ावा स्थित पंडित गणेशनारायण बावलिया महाराज मंदिर में भव्य महाआरती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं आमजन ने भाग लेकर जल संरक्षण एवं जल संवर्धन का संकल्प लिया। आयोजन के माध्यम से जल बचाने और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष एवं अभियान के प्रदेश सहसंयोजक प्रेम सिंह बाजौर ने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण तथा जल के विवेकपूर्ण उपयोग को समय की आवश्यकता बताते हुए लोगों से दैनिक जीवन में जल बचाने की आदत अपनाने का आह्वान किया।
जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने कहा कि जल संकट भविष्य की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसका समाधान जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता से ही संभव है। उन्होंने कहा कि “वंदे गंगा” अभियान का उद्देश्य केवल जल स्रोतों का संरक्षण नहीं, बल्कि समाज में जल के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनशीलता विकसित करना भी है। उन्होंने आमजन से अभियान से जुड़कर इसे जनआंदोलन का रूप देने का आग्रह किया।
अभियान के प्रदेश संयोजक मुकेश दाधीच ने बताया कि प्रदेशभर में चल रहे इस अभियान के तहत जल संचय, जल स्रोतों के पुनर्जीवन, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर जल संवर्धन गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ाने और जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए जल बचाने और पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दोहराया।
अनेक गणमान्य जन रहे उपस्थित
इस अवसर पर पूर्व सांसद नरेंद्र खीचड़, मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका, एसीएम सुप्रिया कालेर, तहसीलदार रामकुमार पूनिया, अभियान के जिला समन्वयक विशंभर पूनिया, संयोजक राकेश शर्मा, ओबीसी आयोग सदस्य पवन मांवडिया, नायब तहसीलदार बलबीर सिंह कुल्हरी, बीडीओ अनीषा बिजारणियां, थानाधिकारी अंबिका चौधरी, ईओ दिनेश नूनिया, एसआई कैलाश चंद, एएसआई बलबीर सिंह चावला, जेईएन अनिल चौधरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन महाआरती और जल संरक्षण के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ। आयोजकों ने इसे जल संरक्षण के प्रति जनजागरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया।




