ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी
झुंझुनूं, 2 जून। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत मंगलवार को पीएचईडी प्रोजेक्ट एवं जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में मलसीसर डैम पर जलाशय पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं अभियान से जुड़े पदाधिकारियों ने भाग लेकर जल संरक्षण का संदेश दिया तथा आमजन को जल स्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया।
पीएचईडी प्रोजेक्ट के अधीक्षण अभियंता दलीप तारग ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आमजन में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा जल स्रोतों के संरक्षण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है। इस अवसर पर विधिवत जलाशय पूजन किया गया और जल के महत्व तथा उसके संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पुरुषोत्तम धानका ने कहा कि राज्य सरकार जल संरक्षण एवं जल संसाधनों के संवर्धन के लिए विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि बढ़ते जल संकट से निपटने के लिए प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देकर ही भविष्य की चुनौतियों का प्रभावी समाधान किया जा सकता है।
पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार ने कहा कि जल संरक्षण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को अपने घर से करनी चाहिए। उन्होंने लोगों से पानी का सदुपयोग करने और अनावश्यक जल व्यर्थ न बहाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि सभी नागरिक जल बचत के प्रति सजग रहें तो आने वाले समय में जल संकट की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है। जल जीवन का आधार है और इसका संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के जिला संयोजक राकेश शर्मा एवं जिला समन्वयक विशंभर पूनिया ने अभियान के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए अधिकाधिक जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
कार्यक्रम में जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामनिवास चौधरी, जिला जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु सिंह, भूजल वैज्ञानिक अतुल धवन, मंडावा विकास अधिकारी अमित चौधरी, अलसीसर विकास अधिकारी ममता चौधरी, मलसीसर तहसीलदार इमरान खान, बिसाऊ तहसीलदार शेर सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनसमूह को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया गया तथा जल स्रोतों की सुरक्षा और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण के संदेश के साथ पौधारोपण भी किया गया।




