Wednesday, April 15, 2026

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झुंझुनूं में कलेक्टर की सख्ती! ‘विकसित ग्राम अभियान’ और जनसेवाओं पर खास फोकस

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं

कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में “मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान” को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति में कहीं भी बाधा न आए और खराब व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए।

इसके अलावा एलपीजी गैस आपूर्ति एवं अन्य जनसेवाओं से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आमजन को मिलने वाली आवश्यक सेवाएं समय पर और सुचारू रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।

इस दौरान अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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झुंझुनूं में कलेक्टर की सख्ती! ‘विकसित ग्राम अभियान’ और जनसेवाओं पर खास फोकस

ब्यूरो चीफ: सुरेश सैनी, झुंझुनूं

कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलेक्टर डॉ. अरुण गर्ग ने अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में “मुख्यमंत्री विकसित ग्राम अभियान” को लेकर विशेष रूप से चर्चा हुई और इसके प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया गया।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान के अंतर्गत सभी जरूरी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएं, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह अभियान सरकार की प्राथमिक योजनाओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

गर्मी के मौसम को देखते हुए बैठक में पेयजल आपूर्ति की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जलापूर्ति में कहीं भी बाधा न आए और खराब व्यवस्थाओं को तुरंत दुरुस्त किया जाए।

इसके अलावा एलपीजी गैस आपूर्ति एवं अन्य जनसेवाओं से जुड़े मुद्दों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि आमजन को मिलने वाली आवश्यक सेवाएं समय पर और सुचारू रूप से उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा हुई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिकता है।

इस दौरान अधिकारियों को अपने-अपने विभागों की नियमित मॉनिटरिंग करने और कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आपसी समन्वय के साथ काम करते हुए विकास कार्यों को गति देने पर जोर दिया गया।

बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय कुमार आर्य, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी कैलाश चंद्र यादव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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