ब्यूरो रिपोर्ट: महेश पांडुरंग शेंडे
गढ़चिरौली/आष्टी। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सरकारी ग्रामीण अस्पताल आष्टी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को तंबाकू एवं तंबाकू जनित उत्पादों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेश गजभे ने उपस्थित नागरिकों, अस्पताल कर्मियों और युवाओं को संबोधित करते हुए तंबाकू सेवन से होने वाली गंभीर बीमारियों और इसके सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तंबाकू न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि परिवार और समाज पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
डॉ. गजभे ने कहा कि बच्चों को अच्छे संस्कार देना और उन्हें तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करना माता-पिता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी देश का भविष्य है और उन्हें नशामुक्त जीवन की ओर प्रेरित करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान तंबाकू सेवन से होने वाले कैंसर, हृदय रोग, श्वसन संबंधी बीमारियों तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को तंबाकू छोड़ने और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने तंबाकू मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लेते हुए तंबाकू निषेध की शपथ ग्रहण की।
इस अवसर पर डॉ. प्रशांत धाकड़े, डॉ. अश्विनी तूरकर, डॉ. वैष्णवी मार्तीवार, एनसीडी काउंसलर सिद्धि पुप्पलवार सहित अस्पताल के कर्मचारी, स्वास्थ्यकर्मी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।




