ब्यूरो रिपोर्ट: राजेन्द्र खटीक, शाहपुरा
अंतरराष्ट्रीय रामस्नेही सम्प्रदाय शाहपुरा पीठाधीश्वर जगद्गुरु आचार्य स्वामी श्री रामदयाल जी महाराज के भीलवाड़ा स्थित माणिक्यनगर रामद्वारा में आयोजित होने वाले “विश्व शांति कल्याण” चातुर्मास-2026 की तैयारियां प्रारंभ हो गई हैं। आयोजन को सफल बनाने के लिए विश्व शांति कल्याण चातुर्मास समिति का गठन भी किया गया है।
चातुर्मास की आमंत्रण पत्रिका का विमोचन आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ। इस अवसर पर आचार्यश्री ने विश्वास व्यक्त किया कि भीलवाड़ा में आयोजित होने वाला यह चातुर्मास विश्व शांति एवं मानव कल्याण में सहायक सिद्ध होगा तथा संपूर्ण विश्व में सुख-शांति और सनातन संस्कृति के प्रति श्रद्धा का वातावरण निर्मित करेगा।
पत्रिका विमोचन कार्यक्रम में रामस्नेही संत मनोरथराम जी मचलाना सहित कई संतों का सानिध्य प्राप्त हुआ। इस अवसर पर रामचरणानुरागी, अशोक अजमेरा, मुरली ईनाणी, शिवकुमार गगराणी, अशोक कुमार गगराणी, अंकित अजमेरा, श्यामजी ईनाणी, मुकेश कुमार गगराणी सहित बड़ी संख्या में भक्तजन उपस्थित रहे।
पत्रिका विमोचन उपरांत रामद्वारा भीलवाड़ा में विधिवत आमंत्रण पत्रिका प्रेषित करने हेतु लेखन कार्य समिति के सदस्यों द्वारा स्थानीय भंडारी संत श्री खुशीराम जी एवं वरिष्ठ संत श्री जयराम जी के सानिध्य में लेखन कार्य प्रारंभ किया गया।
आचार्यश्री के चातुर्मासिक कार्यक्रमों का शुभारंभ मंगलमय पधरावणी (प्रवेश) के साथ 19 जुलाई 2026, रविवार को सुबह 8:30 बजे भव्य शोभायात्रा के माध्यम से होगा। यह शोभायात्रा रेलवे स्टेशन रोड स्थित गजाधर मानसिंहका धर्मशाला से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई माणिक्यनगर रामद्वारा पहुंचेगी।
चातुर्मास को लेकर रामस्नेही सत्संगीजनों एवं भक्तों में विशेष उत्साह का माहौल है और सभी भक्तजन आयोजन की तैयारियों में जुट गए हैं।
चातुर्मास में प्रवाहित होगी धर्म एवं भक्ति की अविरल धारा
चातुर्मास के दौरान आचार्य श्री रामदयाल जी महाराज के सानिध्य में धर्म एवं सनातन संस्कृति की अविरल धारा प्रवाहित होगी। प्रतिदिन प्रातः 5 से 6 बजे तक रामधुनी एवं सुबह 8 से 8:30 बजे तक वाणीजी का पाठ होगा। इसके पश्चात सुबह 8:30 से 9:30 बजे तक आचार्यश्री एवं संतजनों के प्रवचन आयोजित किए जाएंगे। सूर्यास्त के समय संध्या आरती का आयोजन होगा।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव 29 जुलाई को मनाया जाएगा। वहीं 13 से 20 सितंबर तक प्रातःकालीन सत्र में पूज्य वाणीजी प्रवचन सुबह 8:30 से 11:30 बजे तक एवं मध्याह्न में भागवत ज्ञान महोत्सव दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगा।
आचार्यश्री के अवतरण महोत्सव पर 25 सितंबर को रात्रि 8 बजे से आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे तथा 26 सितंबर को सुबह 8:30 बजे से अवतरण आनंदोत्सव मनाया जाएगा। पंचमी गोटकाजी की भव्य शोभायात्रा 15 अक्टूबर को निकाली जाएगी तथा चातुर्मास का समापन 22 अक्टूबर को होगा।
आगामी चातुर्मास में देश-विदेश से बड़ी संख्या में भक्तजनों के आगमन की संभावना है।




