Saturday, March 7, 2026

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सवाई माधोपुर में लेपर्ड का बढ़ता मूवमेंट | CCTV में कैद 

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर। रणथंबोर नेशनल पार्क से सटे शहर के रिहायशी इलाकों में एक बार फिर लेपर्ड (पैंथर) का मूवमेंट बढ़ने लगा है। शनिवार देर रात शहर के पुराने क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान के पास एक कॉलोनी में लेपर्ड की चहलकदमी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद इलाके के लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार बीते कुछ दिनों से रामलीला मैदान, राजबाग, डूंगरपाड़ा, तेलन पसेरी बालाजी और नीमचौकी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रात के समय लेपर्ड के देखे जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शनिवार रात एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में लेपर्ड आराम से कॉलोनी की सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड कुछ देर तक कैमरे के सामने ही रुकता है और फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ जाता है।

रामलीला मैदान क्षेत्र के निवासी राजेश सोनी ने बताया कि यह इलाका शहर की घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यदि इस तरह से लेपर्ड खुलेआम बस्ती के अंदर घूमता रहेगा तो लोगों में डर का माहौल बनेगा। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

बताया जा रहा है कि हाल ही में वन विभाग ने नीमचौकी क्षेत्र से दो लेपर्ड को पिंजरे में पकड़कर रणथंबोर के जंगलों में छोड़ा था। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में फिर से लेपर्ड की मौजूदगी देखी जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रणथंबोर क्षेत्र में लेपर्ड की संख्या बढ़ने के कारण कई बार वे भोजन या नए क्षेत्र की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर शहर की ओर आ जाते हैं। शहर के आसपास पहाड़ी और झाड़ीदार क्षेत्र होने के कारण उन्हें यहां छिपने के लिए अनुकूल वातावरण भी मिल जाता है।

वन विभाग के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि शहर में लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जल्द ही पिंजरे लगाए जाएंगे ताकि लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर वापस जंगल में छोड़ा जा सके।

इस बीच वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

फिलहाल वन विभाग की टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और लेपर्ड को पकड़ने के लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और इलाके में फैला डर का माहौल खत्म हो सकेगा।

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सवाई माधोपुर में लेपर्ड का बढ़ता मूवमेंट | CCTV में कैद 

ब्यूरो चीफ: बृजेश त्रिवेदी, सवाई माधोपुर

सवाई माधोपुर। रणथंबोर नेशनल पार्क से सटे शहर के रिहायशी इलाकों में एक बार फिर लेपर्ड (पैंथर) का मूवमेंट बढ़ने लगा है। शनिवार देर रात शहर के पुराने क्षेत्र स्थित रामलीला मैदान के पास एक कॉलोनी में लेपर्ड की चहलकदमी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सामने आने के बाद इलाके के लोगों में डर और चिंता का माहौल बन गया है।

स्थानीय निवासियों के अनुसार बीते कुछ दिनों से रामलीला मैदान, राजबाग, डूंगरपाड़ा, तेलन पसेरी बालाजी और नीमचौकी जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्रों में रात के समय लेपर्ड के देखे जाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। शनिवार रात एक मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में लेपर्ड आराम से कॉलोनी की सड़क पर घूमता हुआ दिखाई दिया। वीडियो में देखा जा सकता है कि लेपर्ड कुछ देर तक कैमरे के सामने ही रुकता है और फिर धीरे-धीरे आगे बढ़ जाता है।

रामलीला मैदान क्षेत्र के निवासी राजेश सोनी ने बताया कि यह इलाका शहर की घनी आबादी वाला क्षेत्र है। यदि इस तरह से लेपर्ड खुलेआम बस्ती के अंदर घूमता रहेगा तो लोगों में डर का माहौल बनेगा। उन्होंने प्रशासन और वन विभाग से जल्द कार्रवाई की मांग की है ताकि किसी अप्रिय घटना से पहले स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।

बताया जा रहा है कि हाल ही में वन विभाग ने नीमचौकी क्षेत्र से दो लेपर्ड को पिंजरे में पकड़कर रणथंबोर के जंगलों में छोड़ा था। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में फिर से लेपर्ड की मौजूदगी देखी जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार रणथंबोर क्षेत्र में लेपर्ड की संख्या बढ़ने के कारण कई बार वे भोजन या नए क्षेत्र की तलाश में जंगल से बाहर निकलकर शहर की ओर आ जाते हैं। शहर के आसपास पहाड़ी और झाड़ीदार क्षेत्र होने के कारण उन्हें यहां छिपने के लिए अनुकूल वातावरण भी मिल जाता है।

वन विभाग के डीएफओ मानस सिंह ने बताया कि शहर में लेपर्ड के मूवमेंट की सूचना मिलने के बाद विभाग की टीम को अलर्ट कर दिया गया है। संबंधित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है और जल्द ही पिंजरे लगाए जाएंगे ताकि लेपर्ड को सुरक्षित तरीके से पकड़कर वापस जंगल में छोड़ा जा सके।

इस बीच वन विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने कहा है कि रात के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी संदिग्ध वन्यजीव की गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें।

फिलहाल वन विभाग की टीमें क्षेत्र में गश्त कर रही हैं और लेपर्ड को पकड़ने के लिए आवश्यक तैयारी की जा रही है। स्थानीय लोग उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और इलाके में फैला डर का माहौल खत्म हो सकेगा।

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