Wednesday, April 15, 2026

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धानेरा में अंबेडकर जयंती की धूम, रैली और कार्यक्रमों से गूंजा शहर

जिला ब्यूरों: जोरा सोलंकी

धानेरा, 14 अप्रैल। भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर धानेरा शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरे शहर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः शहर के मुख्य चौराहे पर स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, समाजसेवकों, शिक्षाविदों एवं युवाओं ने बाबा साहेब के विचारों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती के उपलक्ष्य में शहर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में निबंध, भाषण प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने डॉ. आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान तथा शिक्षा के महत्व पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।

सायंकाल शहर में भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। रैली के दौरान “जय भीम” के गगनभेदी नारों के साथ सामाजिक समानता, भाईचारे और न्याय का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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धानेरा में अंबेडकर जयंती की धूम, रैली और कार्यक्रमों से गूंजा शहर

जिला ब्यूरों: जोरा सोलंकी

धानेरा, 14 अप्रैल। भारत के संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर धानेरा शहर में विविध कार्यक्रमों का आयोजन कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। पूरे शहर में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।

कार्यक्रमों की शुरुआत प्रातः शहर के मुख्य चौराहे पर स्थित डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, समाजसेवकों, शिक्षाविदों एवं युवाओं ने बाबा साहेब के विचारों को स्मरण करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

जयंती के उपलक्ष्य में शहर के विभिन्न स्कूलों एवं कॉलेजों में निबंध, भाषण प्रतियोगिता तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों ने डॉ. आंबेडकर के संघर्षपूर्ण जीवन, सामाजिक न्याय के लिए उनके योगदान तथा शिक्षा के महत्व पर अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किए।

सायंकाल शहर में भव्य रैली निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया। रैली के दौरान “जय भीम” के गगनभेदी नारों के साथ सामाजिक समानता, भाईचारे और न्याय का संदेश दिया गया।

कार्यक्रम के समापन पर वक्ताओं ने समाज में शिक्षा, एकता और जागरूकता को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए डॉ. आंबेडकर के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

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