ब्यूरो चीफ: अकलीम अहमद
अमेठी। जिले की जायस कोतवाली में तैनात एक सिपाही को एंटी करप्शन टीम ने 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरवण टी. ने आरोपी सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जायस कोतवाली में तैनात सिपाही चंदन कनौजिया पर एक प्रार्थना पत्र के निस्तारण तथा दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से रिश्वत मांगने का आरोप था। शिकायतकर्ता ने इसकी जानकारी एंटी करप्शन ब्यूरो को दी, जिसके बाद टीम ने मामले का सत्यापन शुरू किया।
जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने पर एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। शनिवार को टीम ने सिपाही को 9 हजार रुपये की रिश्वत लेते समय रंगे हाथ पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को हिरासत में लेकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।
इस संबंध में भाले सुल्तान शहीद स्मारक थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं पुलिस अधीक्षक ने आरोपी सिपाही के विरुद्ध विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं।
घटना के बाद पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार के मामलों को लेकर सख्त संदेश गया है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति के तहत दोषी पाए जाने वाले किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल एंटी करप्शन टीम और पुलिस मामले की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।




