ब्यूरो रिपोर्ट: विजय द्विवेदी, धार (मध्य प्रदेश)
बदनावर। क्षेत्र में गौ सम्मान आह्वान अभियान को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। कार्यकर्ता गांव-गांव पहुंचकर आमजन को इस अभियान से जोड़ने में जुटे हैं। इसके तहत पत्रकों का वितरण किया जा रहा है और साथ ही हस्ताक्षर अभियान भी चलाया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने एक हजार हस्ताक्षरों का लक्ष्य निर्धारित किया है।
अभियान से जुड़े लोगों का कहना है कि यह एक देशव्यापी जनजागरण अभियान है, जिसका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को जोड़ना है। कार्यकर्ता प्रत्येक गांव में बैठकों का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें युवा, बुजुर्ग, गौपालक, गौसेवक, साधु-संत और गौ प्रेमी बड़ी संख्या में भाग ले रहे हैं।
शुक्रवार को अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने तहसीलदार सुरेश नागर को 27 अप्रैल को प्रस्तावित ज्ञापन के संबंध में जानकारी दी और अनुमति हेतु आवेदन सौंपा। इस दौरान ज्ञापन कार्यक्रम में हजारों लोगों की भागीदारी की संभावना जताई गई है।
अभियान के तहत 27 अप्रैल 2026 और 27 जुलाई 2026 को “गौ सम्मान दिवस” के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। इस दिन देशभर में नागरिक अपने-अपने तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर पहुंचकर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे।
अभियान का मुख्य उद्देश्य गौमाता को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाना, गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराना तथा गो सेवा के लिए सशक्त कानून बनाने की मांग उठाना है। इसके अलावा गौ आधारित कृषि को बढ़ावा देना, पंचगव्य उत्पादों का प्रचार, गौशालाओं के विकास और गोवंश संरक्षण के लिए ठोस नीतिगत सुधार भी प्रमुख मांगों में शामिल हैं।
आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान पूरी तरह अहिंसात्मक रहेगा और इसमें किसी भी प्रकार का राजनीतिक मंच नहीं होगा। जनजागरण, संकीर्तन, रैली और ज्ञापन के माध्यम से अपनी बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी।
27 अप्रैल को ज्ञापन सौंपने के बाद सरकार की प्रतिक्रिया के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर जुलाई में पुनः ज्ञापन और बड़े स्तर पर आंदोलन की योजना भी बनाई जा सकती है।
अभियान के माध्यम से देशभर में गो संरक्षण को लेकर एक व्यापक जनआंदोलन खड़ा करने की दिशा में प्रयास तेज कर दिए गए हैं। आयोजकों ने आम नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़कर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।




